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एकेटीयू : 50 फीसदी से कम हुए प्रवेश तो सीटों में होगी कटौती
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अक्षय कुमार
लखनऊ। प्रदेश में इंजीनियरिंग के बाद अब तेजी से बढ़ रहे फार्मेसी संस्थानों पर कैंची चलेगी। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पुराने संस्थानों की संबद्धता विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। विवि प्रशासन पिछले तीन साल में कम प्रवेश वाले काॅलेजों की सीटों में कटौती करेगा। 10 फीसदी से कम प्रवेश वालों की सीट मर्ज की जाएंगी।
इस समय एकेटीयू से संबद्ध फार्मेसी संस्थानों की संख्या लगभग 400 है, जबकि यहां पर अपेक्षा के अनुरूप प्रवेश नहीं हो रहे हैं। इसे देखते हुए विवि प्रशासन ने फार्मेसी संस्थानों से पिछले तीन साल के प्रवेश का डाटा मांगा है। इसमें सीटें कम करने से लेकर सीटें मर्ज करने तक की तैयारी है। इससे सिर्फ संबद्धता लेने वाले व कागजों पर ही प्रवेश दिखाने वाले काॅलेज फंसेंगे। विवि प्रशासन सोमवार तक इस पर फाइनल निर्णय लेगा।
काॅलेजों के उनके यहां छात्रों की एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) आईडी बनाने की संख्या की भी जानकारी मांगी गई है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पिछले कुछ साल की प्रवेश की स्थिति काॅलेजों से मांगी गई थी। इसकी समीक्षा की जा रही है। अगर लगातार कई साल से प्रवेश की स्थिति खराब है तो इस पर शासन की सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
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नए 120 काॅलेजों का निरीक्षण भी शुरू
सत्र 2024-25 में विवि से संबद्धता के लिए 120 से अधिक नए काॅलेज फिर लाइन में हैं। इनको फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्धता मिल चुकी है, अब विवि स्तर पर प्रक्रिया शुरू की गई है। इन काॅलेजों के स्थलीय निरीक्षण के लिए विवि की ओर से स्थानीय जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। निरीक्षण की पूरी रिकाॅर्डिंग होगी और विवि से भी इसको स्क्रीनिंग कमेटी ऑनलाइन देखेगी।
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लखनऊ। प्रदेश में इंजीनियरिंग के बाद अब तेजी से बढ़ रहे फार्मेसी संस्थानों पर कैंची चलेगी। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पुराने संस्थानों की संबद्धता विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। विवि प्रशासन पिछले तीन साल में कम प्रवेश वाले काॅलेजों की सीटों में कटौती करेगा। 10 फीसदी से कम प्रवेश वालों की सीट मर्ज की जाएंगी।
इस समय एकेटीयू से संबद्ध फार्मेसी संस्थानों की संख्या लगभग 400 है, जबकि यहां पर अपेक्षा के अनुरूप प्रवेश नहीं हो रहे हैं। इसे देखते हुए विवि प्रशासन ने फार्मेसी संस्थानों से पिछले तीन साल के प्रवेश का डाटा मांगा है। इसमें सीटें कम करने से लेकर सीटें मर्ज करने तक की तैयारी है। इससे सिर्फ संबद्धता लेने वाले व कागजों पर ही प्रवेश दिखाने वाले काॅलेज फंसेंगे। विवि प्रशासन सोमवार तक इस पर फाइनल निर्णय लेगा।
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काॅलेजों के उनके यहां छात्रों की एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) आईडी बनाने की संख्या की भी जानकारी मांगी गई है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि पिछले कुछ साल की प्रवेश की स्थिति काॅलेजों से मांगी गई थी। इसकी समीक्षा की जा रही है। अगर लगातार कई साल से प्रवेश की स्थिति खराब है तो इस पर शासन की सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
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नए 120 काॅलेजों का निरीक्षण भी शुरू
सत्र 2024-25 में विवि से संबद्धता के लिए 120 से अधिक नए काॅलेज फिर लाइन में हैं। इनको फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से संबद्धता मिल चुकी है, अब विवि स्तर पर प्रक्रिया शुरू की गई है। इन काॅलेजों के स्थलीय निरीक्षण के लिए विवि की ओर से स्थानीय जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। निरीक्षण की पूरी रिकाॅर्डिंग होगी और विवि से भी इसको स्क्रीनिंग कमेटी ऑनलाइन देखेगी।