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इंजीनियरिंग कॉलेज बने आइसोलेशन सेंटर, कैसे हों सेमेस्टर परीक्षाएं

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2020 01:54 AM IST
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aktu affiliated engineering College made isolation centre, how to arrange semester exam
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) की 16 जुलाई से प्रस्तावित सेमेस्टर परीक्षाओं पर संकट के बादल खड़े हो गए हैं। विवि से संबद्ध नोएडा, लखनऊ व दूसरे जिलों के बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज कोरोना के चलते क्वारंटीन या आइसोलेशन सेंटर बने हैं। इससे विश्वविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने में काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में वह कुछ अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा इस बार कोरोना को देखते हुए कुछ अधिक कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाना था। वहीं विद्यार्थियों को दिक्कत न हो इसलिए कुछ अच्छे व बड़े कॉलेजों को सेल्फ सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव था, लेकिन जब विश्वविद्यालय ने इन्हें केंद्र बनाने की कवायद शुरू की तो उसे बड़ा झटका लगा। नोएडा क्षेत्र में एकेजी, आरकेजी, आईएमएस जैसे कई कॉलेज क्वारंटीन या आइसोलेशन सेंटर बने हैं। इसी तरह लखनऊ में पहले बीबीडी फिर एसआर जैसे कॉलेज क्वारंटीन सेंटर बने। यही हाल कई बड़े जिलों का है। नोएडा क्षेत्र के कॉलेजों पर तो अब अस्पताल बनाने का दबाव है। खास ये कि इन कॉलेज के विद्यार्थियों की संख्या भी 2000 से 5000 तक है। विवि इनमें से कुछ को सेल्फ सेंटर बनाने का भी विचार कर रहा है। ऐसे में इनके स्टूडेंट्स को शिफ्ट करना भी आसान नहीं होगा। हालात को देखते हुए इनमें से कई कॉलेजों ने सेंटर बनने में असमर्थता भी जता दी है। अब हालात ये हैं कि विश्वविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने, रॉ कॉपी रखने जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए भी कॉलेज खोजने से नहीं मिल रहे हैं। अगर इन बड़े कॉलेज को सेंटर न बनाया जाए तो इनके स्टूडेंट्स को शिफ्ट करने का काम भी आसान नहीं है। अगर इनके स्टूडेंट्स को शिफ्ट किया गया तो प्रस्तावित 200 केंद्र की जगह 250 से ज्यादा केंद्र बनाने पड़ेंगे। इस तरह की कई दिक्कत यूनिवर्सिटी के सामने खड़ी है। यही वजह है कि आधा जून बीतने को है और अभी तक सेंटर नहीं फाइनल हो सके हैं। अगर जून अंत तक इसमें कुछ कॉलेज फ्री भी होते हैं तो सैनिटाजेशन आदि के लिए कम से कम 10-15 दिन का समय चाहिए। जबकि विश्वविद्यालय के कैलेंडर के अनुसार एक जुलाई से स्टूडेंट्स व टीचर के बीच फेस टू फेस इंटरैक्शन प्रस्तावित है। वहीं कोरोना के बढ़ते केस के बीच अभी क्वारंटीन व आइसोलेशन सेंटर बने कॉलेज खाली होते नहीं दिख रहे हैं। इससे अब विश्वविद्यालय कुछ अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। सेशनल नंबर भी नहीं भेज पा रहे कॉलेज एक तरफ जहां कॉलेज क्वारंटीन व आइसोलेशन सेंटर बनने के कारण परीक्षा केंद्र बनने में असमर्थता जाता रहे हैं, वहीं इस समय शिक्षक व कर्मचारियों के न आ पाने से विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों के सेशनल नंबर तक नहीं भेज पा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने काफी दिनों से इसका पोर्टल खोला है, लेकिन अभी तक काफी कॉलेजों का डेटा नहीं आया है। अब वह इसके लिए भी काफी परेशान हैं। परीक्षा के अन्य विकल्पों पर चल रहा विचार कोरोना की वजह से परीक्षा आयोजित करने में कई तरह की दिक्कत हो रही है। काफी संख्या में बड़े कॉलेज क्वारंटीन या आइसोलेशन सेंटर बने हैं। इससे परीक्षा केंद्र नहीं फाइनल हो पा रहे हैं। विश्वविद्यालय परीक्षा के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। जल्द कोई ठोस निर्णय होने की उम्मीद है। - प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, एकेटीयू
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