अखिलेश चाहते हैं कि 'राजनीति' भी करें युवा
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अखिलेश यादव ने कहा कि विकास व धर्मनिरपेक्षता का रास्ता ही देश को तरक्की व खुशहाली की ओर ले जाता है लेकिन कुछ ताकते ऐसा करने से रोकती हैं।
इस अकादमी का नाम सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के नाम पर रखा गया है। इसे रफीकुल मुल्क मुलायम सिंह यादव उर्दू आईएएस स्टडी सेंटर के नाम से जाना जाएगा।
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए प्रदेश सरकार यह बड़ा तोहफा है। मुख्यमंत्री ने कहा, देश में आईएएस की तरह कई और ऐसी परीक्षाएं हैं जो काफी कठिन हैं। कुछ पर अक्सर अंगुलियां उठती रहती हैं। प्रतियोगी परीक्षाएं ऐसी होनी चाहिए जिसमें सभी का भरोसा हो और अंगुली भी न उठे।
बिहार के सुपर-30 जैसी होगी कोचिंग
उन्होंने कहा, युवाओं को सफलता के लिए और मेहनत करनी होगी। इस सेंटर का संचालन उप्र उर्दू अकादमी करेगी। मुख्यमंत्री ने उर्दू अकादमी का बजट बढ़ाने की मांग पर कहा कि इसे दोगुना कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो और बढ़ा दिया जाएगा।
इससे पहले उर्दू अकादमी के चेयरमैन नवाज देवबंदी ने बताया कि इस उर्दू आईएएस स्टडी सेंटर में प्रवेश परीक्षा के जरिये दाखिला होगा। शुरू में 50 युवाओं को दाखिला देने की योजना है। हाईस्कूल, इंटर व स्नातक के अंक भी जोड़े जाएंगे। इसमें पूरे देश के उर्दू भाषा में आईएएस की तैयारी करने वाले युवा हिस्सा ले सकते हैं। स्टडी सेंटर में रहना, पढ़ना, खाना सभी कुछ मुफ्त होगा।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा, सेंटर के संचालन में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। पूर्व मुख्य सचिव व मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने कहा, मुस्लिम समुदाय सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक सभी में पिछड़ा हुआ है।
इसमें ऐसे लोगों को दाखिला दीजिए जिनमें आईएएस जैसी कठिन परीक्षा पास करने की क्षमता हो। बिहार के सुपर-30 का उदाहरण देते हुए कहा, जिस प्रकार सुपर-30 वाले हर साल 30 बच्चों को लेते हैं और उन्हें आईआईटी में दाखिला दिलाते हैं, उसी पैटर्न को यहां भी लागू करना चाहिए। स्टडी सेंटर की सफलता से ही इसमें लोगों का विश्वास बढ़ेगा। कार्यक्रम में नदवा कॉलेज के प्राचार्य सईदुर्रहमान आजमी नदवी भी बोले।