ट्रेन से वापस लाए जा रहे गरीब और बेबस मजदूरों से टिकट के पैसे लेना शर्मनाक: अखिलेश यादव
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महाराष्ट्र के नासिक से ट्रेनों से रविवार सुबह लखनऊ पहुंचे 847 लोगों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों से उनके जिलों को रवाना कर दिया गया। इस दौरान यात्रियों से ट्रेन के टिकट के पैसे लेने को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शर्मनाक बताया है।
उन्होंने रविवार को दो ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि ट्रेन से वापस घर ले जाए जा रहे गरीब, बेबस मजदूरों से भाजपा सरकार द्वारा पैसे लिए जाने की ख़बर बेहद शर्मनाक है। आज साफ हो गया है कि पूंजीपतियों का अरबों माफ करने वाली भाजपा अमीरों के साथ है और गरीबों के खिलाफ। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय शोषण करना सूदखोरों का काम होता है, सरकार का नहीं।
ट्रेन से वापस घर ले जाए जा रहे गरीब, बेबस मज़दूरों से भाजपा सरकार द्वारा पैसे लिए जाने की ख़बर बेहद शर्मनाक है. आज साफ़ हो गया है कि पूँजीपतियों का अरबों माफ़ करनेवाली भाजपा अमीरों के साथ है और गरीबों के ख़िलाफ़.
विपत्ति के समय शोषण करना सूदखोरों का काम होता है, सरकार का नहीं. — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 3, 2020
एक अन्य ट्वीट में अखिलेश ने कहा कि अब तो भाजपा के आहत समर्थक भी ये सोच रहे हैं कि अगर समाज के सबसे गरीब तबके से भी घर भेजने के लिए सरकार को पैसे लेने थे तो पीएम केयर्स फंड में जो खरबों रुपया तमाम दबाव व भावनात्मक अपील करके डलवाया गया है उसका क्या होगा? अब तो आरोग्य सेतु एप से भी इस फंड में 100 रुपये वसूलने की ख़बर है।
अब तो भाजपा के आहत समर्थक भी ये सोच रहे हैं कि अगर समाज के सबसे ग़रीब तबके से भी घर भेजने के लिए सरकार को पैसे लेने थे तो PM Cares Fund में जो खरबों रुपया तमाम दबाव व भावनात्मक अपील करके डलवाया गया है उसका क्या होगा? अब तो आरोग्य सेतु एप से भी इस फंड में 100 रु वसूलने की ख़बर है
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 3, 2020