अखिलेश यादव बोले, कोरोना संकट पर भाजपा सरकार संवेदनहीन, अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद कोरोना संकट पर प्रदेश सरकार न गंभीर है और न ही संवेदनशील है। सरकार कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने और अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के बजाय झूठे प्रचार पर अंधाधुंध खर्च करने में व्यस्त है। कोरोना से बचाव के लिए जो सुरक्षात्मक उपाय करने चाहिए, उसमें भी लापरवाही बरती जा रही है।
अखिलेश ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि कोरोना जैसी विश्वव्यापी विपदा का इलाज करना डॉक्टरों का काम है, लेकिन उसे फैलने से रोकने में हम सबको अपनी भूमिका निभानी होगी। जिन्हें संक्रमण का संदेह हो, समाजवादी कार्यकर्ता तुरंत उन्हें डॉक्टरी मदद दिलाएं और जिनके पास खाने की दिक्कत है उनकी तत्काल मदद करें।
उन्होंने कहा कि संकट के समय भाजपा का दोहरा चरित्र नजर आ रहा है। अस्पतालों में कोरोना के नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। मास्क और सैनेटाइजर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है।
कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए सरकार को मेडिकल कॉलेजों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए पर्याप्त फंड तत्काल रिलीज करना चाहिए। दवाइयां मुफ्त हों और दिहाड़ी मजदूरों को संकट काल तक रोजमर्रा का खर्च दिया जाए। गरीबों को शासन-प्रशासन मुफ्त भोजन व इलाज मुहैया कराए।
भाजपा नेता, मंत्री, अफसर पार्टियों में उड़ा रहे दावत
सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के ओहदेदार पार्टियों में दावत उड़ा रहे हैं। पीएम की अपील के बावजूद निजी हाई प्रोफाइल नाइट पार्टी में बॉलीवुड की गायिका को सुनने के लिए भाजपा के बड़े नेता, मंत्री तथा शीर्ष अधिकारी भी पहुंच गए। इनके भाजपा सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक से संपर्क है। पार्टी में शामिल कई लोग संक्रमित पाए गए हैं।
ऐसे में कल्पना की जा सकती है कि यह मर्ज कहां तक जाएगा? बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर जिस पार्टी में थी उसमें 100 से ज्यादा लोग थे। इसमें भाजपा की एक पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद व शीर्ष अधिकारी भी शामिल थे। इससे समझा जा सकता है कि जिम्मेदार लोगों का रवैया कितना निम्नस्तरीय है।