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यूपी चुनाव 2022: अखिलेश यादव बोले- लाल रंग हनुमानजी का है, भाजपा को लाल टोपी का डर सता रहा है
Thu, 09 Dec 2021 10:18 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 09 Dec 2021 10:18 AM IST
सार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा को 2022 में सपा को मिलने वाले जनसमर्थन का अंदाजा हो गया है इसलिए उनके नेताओं का भाषाई संयम जवाब देने लगा है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा नेताओं को लाल टोपी का डर सता रहा है। उन्हें अपना राजनीतिक अस्तित्व खतरे में लग रहा है। भाजपा की लाल बत्ती गुल होने वाली है। इस सच्चाई से भाजपा अच्छी तरह परिचित हो गई है। यही वजह है कि वह समाजवादी पार्टी पर अनर्गल आरोप लगाने लगी है।
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सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संस्कृति का राग अलापने वाले भाजपा नेताओं को यह नहीं पता है कि लाल रंग हनुमानजी का है। जीवन में लाल रंग बदलाव और खुशहाली का प्रतीक है। लेकिन, भाजपा इस बात को समझने को तैयार नहीं है। उसकी नीतियां नफरत फैलाने वाली है।
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भाजपा नेताओं को देश की भावनाओं से कोई लेना देना नहीं। किसानों, नौजवानों की समस्याओं के प्रति उसका रुख उपेक्षापूर्ण है। किसानों से किए गए वादों को भाजपा भूल गई है। यही नहीं उसने अपने चुनाव संकल्प पत्र में जो वादे किए थे उन्हें भी वह कूड़े में डाल चुकी है।
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नौजवानों को रोजगार के झूठे आंकड़ों से भ्रमित किया जाता है। उन्होंने कहा कि संसदीय जनतंत्र में भाषा और व्यवहार की मर्यादा से दल और व्यक्ति का परिचय होता है। भाजपा नेतृत्व में भाषा का संयम मिटता जा रहा है। उसका आचरण भी मर्यादा लांघता नजर आने लगा है।
सत्ताशीर्ष से विपक्षी नेताओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग कर व्यक्तिगत आरोप लगाया जाना लोकतंत्र में अवांछनीय है। उन्होंने कहा कि भाजपा को वर्ष 2022 में सपा को मिलने वाले जनाधार का अंदाजा लग गया है। ऐसे में वह व्यक्तिगत आरोप लगाने में भी पीछे नहीं रह रही है।