अखिलेश ने यूपी के किसानों को दी बड़ी राहत
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूखे व बाढ़ प्रभावित जिलों में सहकारी बैंकों की ऋण वसूली के साथ सभी तरह की वसूली पर रोक लगा दी है।
इसके अलावा सूखाग्रस्त क्षेत्रों में स्थिति से निपटने के लिए सरकार के बजट से हैंडपंप लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र सरकार से सूखा का आकलन कर राहत के लिए पैकेज मांगने का निर्देश दिया।
इसमें कर्जमाफी का प्रस्ताव भी शामिल होगा। गौरतलब है कि सूबे के 53 जिले सूखे तो दस जिले बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। ऐसे में अखिलेश का यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। भले ही यह चुनावी दांव हो, पर किसानों के लिए ये किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
केंद्र सरकार से मांगेंगे राहत-पैकेज
रविवार को नीदरलैंड रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अफसरों के साथ बाढ़ व सूखा प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की।
इसी बैठक में उन्होंने वसूली स्थगित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से सूखा राहत को लेकर एक पैकेज की मांग की जाएगी।
इसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों को दिए गए ऋणों का फिर से निर्धारण अथवा कर्जमाफी, किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई, पुरानी फ सलों के खराब होने पर नई फसलों को बोने के लिए बीजों की सुविधा देने जैसी मांगें शामिल होंगी।
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था कराने के लिए ग्रामीण पेयजल योजना के लिए बजट, कृषि के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त बिजली पर आने वाले अतिरिक्त खर्च व पशुओं के चारे के लिए आर्थिक मदद मांगी जाएगी।
जानिए, क्या कहा मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ‘राज्य सरकार आपदाग्रस्त क्षेत्र के किसानों के हितों के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी। किसानों को सहयोग देने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। उम्मीद है कि राज्य सरकार केंद्र से जिस विशेष राहत पैकेज की मांग करेगी वह उस पर पूरी गंभीरता से विचार कर तेजी से कार्रवाई करेगी।’
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्वांचल के कई जिलों में नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ की विषम स्थिति बनी है।
इसी तरह कई हिस्सों में वर्षा न होने के कारण सूखे की स्थिति है। ऐसे में क्षेत्रवार इन दोनों परिस्थितियों का आकलन कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। रिपोर्ट आते ही विशेष राहत पैकेज की मांग केंद्र से की जाएगी।
ये जिले झेल रहे हैं आपदा का कहर
34 जिलों पर असर दिखाने लगा सूखा
मिर्जापुर, गोरखपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मुरादाबाद, गोंडा, बागपत, हाथरस, चंदौली, शाहजहांपुर, महराजगंज, कानपुर नगर, उन्नाव, बांदा, अमेठी, कुशीनगर, आगरा, देवरिया, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, शामली, बरेली, चित्रकूट, कन्नौज, मथुरा, अलीगढ़, अमरोहा, झांसी, पीलीभीत, मऊ, जौनपुर, जालौन, हमीरपुर व फैजाबाद।
19 जिलों में सूखे की तगड़ी मार
मेरठ, रामपुर, बदायूं, सहारनपुर, औरैया, एटा, कौशांबी, फतेहपुर, हापुड़, इटावा, कानपुर देहात, मैनपुरी, महोबा, फिरोजाबाद, हरदोई, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और बुलंदशहर।
इन जिलों में बाढ़ का कहर
सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, फैजाबाद, बलरामपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी।
सहकारी बैंकों के ऋण समेत सभी वसूली स्थगित
- आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सहकारी बैंकों द्वारा दिए गए ऋ णों समेत अन्य सभी प्रकार की वसूलियां भी स्थगित रहेगी।
- सूखाग्रस्त क्षेत्रों में नहरों से अतिरिक्त जल की व्यवस्था की जाएगी तथा इन क्षेत्रों में प्रदेश सरकार के बजट से हैंडपंप लगाए जाएंगे।
- पशुओं के लिए चारे व पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।
- सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को वैकल्पिक फसलों की बुवाई के लिए उचित फ सलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि अधिकारियों को जल्द से जल्द पैकेज का प्रस्ताव केंद्र को भेजने का निर्देश दिया गया है। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त वीएन गर्ग, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश बहादुर, प्रमुख सचिव राजस्व किशन सिंह अटोरिया आदि उपस्थित रहे।