नागरिकता कानून के विरोध प्रदर्शन में मारे गए युवक के परिजनों से मिले अखिलेश यादव
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ के चौक में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान मारे गए युवक मो. वकील के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें पांच लाख रुपये की मदद की। अखिलेश यादव ने संवेदनाएं जताई और कहा कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद करेगी।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक तो भाजपा सरकार संविधान नहीं मान रही और जब इसका विरोध करते हुए किसी की जान चली गई तो उसके परिजनों के दुख में भी शामिल नहीं होने देते। यहां इतनी पुलिस लगा दी गई है कि कोई उनके परिवार से न मिल सके। हम सरकार से मांग करते हैं कि परिवार की मदद की जाए।
अखिलेश ने कहा कि इस परिवार ने जो खोया है वह उन्हें कभी वापस नहीं मिल सकता लेकिन हम उनके दुख में शामिल होकर उनका दुख तो कम कर ही सकते हैं। हमारी पार्टी ने मो. वकील के परिजनों की मदद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में पुलिस की गोली लगने से जिस तरह एक इंजीनियर की मौत हो गई थी और सरकार ने जितनी मदद की थी उतनी ही मदद इस परिवार की भी होनी चाहिए। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस की गोली से मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।
भाजपा सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में शुरू किए गए अभियान पर अखिलेश यादव ने कहा कि वो जनता को समझाने के लिए नहीं बहकाने के लिए उतरे हैं। ये लोग जब सदन से जनता को नहीं समझा सके तो अब घर-घर जा रहे हैं। अमित शाह के कानून से एक इंच भी पीछे न हटने पर अखिलेश ने कहा कि आने वाले वक्त में जनता इन्हें ही सत्ता से हटा देगी और इतनी दूर कर देगी कि कभी वापस नहीं लौट सकेंगे।
अखिलेश बोले, हक दिलवाएंगे
मुलाकात के बाद मो. वकील के पिता सरफुद्दीन अहमद ने कहा कि अखिलेश ने हम से शासन की तरफ से दी गई मदद पर बात की और कहा कि आप लोगों को सरकार से आपका हक दिलवाएंगे। सरफुद्दीन ने कहा कि वह प्रशासन की तरफ से मिल रही सहायता और कार्रवाई से पूरी तरह सहमत है।
पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से एक मकान दिया जा चुका है। जबकि पांच लाख रुपये अभी नहीं मिल पाए हैं।