'अखिलेश यादव की पत्नी को चुनाव लड़ाते हैं हम'
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दोपहर के एक बजे थे। करीब दो घंटे से सीएम अखिलेश यादव अपने आवास पर जनसुनवाई कर रहे थे। अचानक लाउडस्पीकर से ऐलान किया गया कि मुलाकात का वक्त खत्म। इसके बाद पुलिस वाले लोगों को हटाने लगे कि तभी कन्नौज से आईं रामजानकी यादव भड़क उठीं।
बोलीं,‘अखिलेश की पत्नी डिंपल का चुनाव लड़ाते हैं हम। दूर रहो दूर।’ रामजानकी के तेवर देख एक बारगी तो पुलिस वाले भी सहम गए। हालांकि,बाद में उन्होंने सभी को समझा-बुझाकर सीएम आवास से रवाना किया।
सीएम ने बुधवार को अपने आवास पर ‘जनता दरबार’ लगाया। कोई मकान पर अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई की गुहार लेकर आया था तो कोई अतिक्रमण हटवाना चाहता था। पुलिस की कथित ज्यादती के शिकार भी पीड़ा सुनाने आए थे। लेकिन, इनमें से काफी समस्याएं ऐसी थीं, जिन्हें जिलास्तर पर भी निपटाया जा सकता था।
शिवपाल यादव ने भी सुनी जनता की
कालिदास मार्ग स्थित जनसुनवाई भवन में बुधवार को प्रदेश भर से आए लोगों ने लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव को फरियाद सुनाई। किसी ने बीमारी के लिए मदद मांगी तो कोई नौकरी की आस लेकर पहुंचा था।
शिवपाल यादव ने मौके पर ही कई अफसरों को फोन कर समस्याएं तत्काल हल करने को कहा। अधिकारी हर रोज एक निश्चित समय पर लोगों से मिलकर समस्याएं सुनें।
लोकनिर्माण मंत्री ने फोन पर जिलों के अफसरों को निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था के नाम पर बेगुनाहों को परेशान न किया जाए। उन्होंने कुछ महिलाओं को समाजवादी पेंशन देने के निर्देश दिए। कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज का स्टीमेट बनाकर सरकार को भेजा जाए। प्रदेश सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करेगी।