{"_id":"a9656ceeb5d71fc14527f726e6df8913","slug":"akhilesh-yadav-at-lucknow-zoo","type":"story","status":"publish","title_hn":"छुकछुक गाड़ी ने उड़ा दी हवाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छुकछुक गाड़ी ने उड़ा दी हवाइयां
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 12 Mar 2014 12:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूबे के मुखिया का चहेता है लखनऊ चिड़ियाघर। यहां की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर उनकी ही नहीं, कुनबे की भी नजर रहती है।
विज्ञापन
कुछ भी हो उनकी निगाहों से बचता नहीं। चिड़ियाघर में नई रेलगाड़ी आई तो उसके उद्घाटन के लिए मुखिया अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंच गए।
हरी झंडी हुई, ट्रेन छूटी तो क्षमता से तीन गुना ज्यादा लोग लद गये। खादी के साथ खाकी भी। रेंगते हुए नई ट्रेन आगे बढ़ी ही थी कि उसका दम फूल गया।
भारी लोड के चलते रेलगाड़ी ने एक जगह जवाब दे दिया। पहिये पटरी पर ही चक्करधिन्नी बन गए। मुखिया आधा दर्जन छोटे-बड़े मंत्री के साथ सवार और ट्रेन खड़ी।
अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। ड्राइवर से जब पूछा गया तो उसने ट्रेन में लदी भीड़ की ओर इशारा कर दिया। गाड़ी खड़ी देख खबरनवीसों के कैमरे भी नाचते पहिये की ओर घूम गए।
हंसते और हाथ हिलाते हुए जब मुखिया ने अधिकारियों की ओर देखा तो सबकी सिट्टी-पिट्टी गुम।
आनन-फानन में यहां-वहां लदे लोग कूद फांदकर नीचे उतरे, रेलगाड़ी सरकी तो अधिकारियों की जान में जान आई।