{"_id":"64805bb25d0776f9d20a1583","slug":"akhilesh-yadav-and-delhi-cm-arvind-kejriwal-meet-in-lucknow-2023-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi Ordinance: अखिलेश यादव ने सीएम केजरीवाल का किया समर्थन, बोले- केंद्र का अध्यादेश लोकतंत्र के खिलाफ है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Ordinance: अखिलेश यादव ने सीएम केजरीवाल का किया समर्थन, बोले- केंद्र का अध्यादेश लोकतंत्र के खिलाफ है
Wed, 07 Jun 2023 08:26 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 07 Jun 2023 08:26 PM IST
सार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार का अध्यादेश लोकतंत्र के खिलाफ है। भाजपा की सरकार केजरीवाल सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों को देखकर डर गई है। हम केजरीवाल सरकार का समर्थन करते हैं और राज्यसभा में अध्यादेश के खिलाफ वोट करेंगे। हमारे सभी सदस्य आम आदमी पार्टी के साथ हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व पंजाब के सीएम भगवंत मान।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अध्यादेश का विरोध 2024 का सेमी फाइनल है। विपक्ष इस अध्यादेश को वापस कराने में सफल रहा तो 2024 में भाजपा को सत्ता से हटाने में देर नहीं लगेगी। वह बुधवार को लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार का अध्यादेश लोकतंत्र के खिलाफ है। भाजपा की सरकार केजरीवाल सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों को देखकर डर गई है। इसलिए यह अध्यादेश लाई है। हम केजरीवाल सरकार का समर्थन करते हैं और राज्यसभा में अध्यादेश के खिलाफ वोट करेंगे। हमारे सभी सदस्य आम आदमी पार्टी के साथ हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान व अन्य नेता दोपहर करीब तीन बजे के बाद सपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव सहित अन्य नेताओं के साथ मंत्रणा की। दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण संबंधी केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन मांगा। सपा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के अध्यादेश को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भरोसा दिया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ है। करीब 40 मिनट की मंत्रणा के बाद प्रेस कांफ्रेंस में सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के सांसद इस अध्यादेश का विरोध करेंगे। इस अध्यादेश की सोच लोकतंत्र विरोधी है।
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों की मुखालफत करते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों ने संघर्ष करके वोट डाला। वर्ष 2015 में सरकार बनी। भाजपा को नागवार लगा। उसने सरकार की शक्तियां छीन ली। वह नौकरशाही पर लगाम लगाने, अफसरों के स्थानांतरण और तैनाती के अधिकार नहीं देना चाहती है। लेकिन काम के दम पर दोबारा सरकार बनी। आठ साल की लड़ाई के बाद 11 मई को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने फैसला दिया कि शक्तियां चुनी हुई सरकार के पास होनी चाहिए, लेकिन 19 मई को मोदी सरकार ने अध्यादेश लाकर कोर्ट का फैसला निरस्त कर दिया।11 मई को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने फैसला दिया और आठ दिन बाद 19 मई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार अध्यादेश ले लाई। साजिश इस तरह रची गई कि दोबारा कोर्ट न जा पाएं। क्योंकि उसी समय कोर्ट बंद हो रहा था। केजरीवाल ने कहा कि हम छुट्टी खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। फिर अदालत जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि लोकसभा में भाजपा के पास बहुंमत है, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष की सभी पार्टिंयां मिलकर इस अध्यादेश को गिरा सकती है। यदि यह अध्यादेश गिरा तो 2024 में भाजपा का सफाया तय है। क्योंकि इस अध्यादेश के जरिए विपक्ष अपनी ताकत दिखाएगा। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी तैयारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी सभी दलों के लोगों से अध्यादेश के मुद्दे पर बातचीत चल रही है। समूचा विपक्ष एक है। लोकसभा चुनाव पर भी जल्द ही बात की जाएगी। इस दौरान आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह, दिल्ली की शिक्षा मंत्री सुश्री आतिशी, सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, विधानसभा में मुख्य सचेतक डॉ मनोज पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
भाजपा के मुख्यालय बन गए हैं राजभवन : भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दिल्ली में हर प्रदेश के लोग रहते हैं। ऐसे में यह लड़ाई समूचे देश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सभी राज्यों के राजभवन उसके मुख्यालय बन गए हैं और गवर्नर समन्वयक की भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा का प्रयास है कि जहां चुनाव से सरकार न बने, वहां जबरदस्ती बनाई जाए। लेकिन देश की जनता को इलेक्टेड और सलेक्टेड में अंदर करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा की सरकार नहीं है, वहां के लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जीएसटी सहित तमाम विभागों से मिलने वाली केंद्र आधारित धनराशि नहीं मिल रही है। सपा अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि सपा में जेपी आंदोलन से जुड़े लोग हैं। ऐसे में उन्मीद है कि वे हमारी मदद करेंगे।