अखिलेश ने बताया, क्यों नहीं सीधी करवाई अपनी टेढ़ी नाक
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यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को सपा मुख्यालय में अपने ऊपर बने कार्टूनों की किताब ‘टीपू का अफसाना-हिम्मत-ए-मर्दा’ का लोकार्पण करते वक्त अपनी जिंदगी की कुछ बातें मीडिया से शेयर की।
उन्होंने कहा कि ‘टीपू का अफसाना’ के कार्टूनों में तीन चीज एक जैसी हैं-टोपी, साइकिल और मेरी नाक।
उन्होंने कार्टून में तिरछी नाक दिखाने पर कहा, फुटबॉल मेरा पसंदीदा खेल था। फुटबॉल लगने से नाक टेढ़ी हो गई थी। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) मुझे डॉ. कक्कड़ के पास लेकर गए।
डॉ. कक्कड़ ने मुझसे पूछा, शादी हो गई है? मैंने हां में जवाब दिया तो उन्होंने कहा, अब नाक ठीक कराने की जरूरत नहीं है। अब तो मुख्यमंत्री भी हो गया हूं, इसलिए नाक ठीक कराने की जरूरत कहां है? जहां तक लंबी नाक का सवाल है, तो यह हेरेडिटरी है। इसमें मैं क्या कर सकता हूं?
'कार्टूनों से अच्छाई और बुराई दोनों सामने आती है'
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कार्टूनों से अच्छाई और बुराई दोनों सामने आती है। हम कार्टूनों के जरिये अपनी बुराइयां जानना चाहते हैं।
हालांकि कुछ कार्टूनों में जो दिखाया जाता है, सच्चाई उससे अलग होती है। अगर किसी से कह दो कि कार्टून लग रहे तो वह बुरा माना जाता है। मुझे कार्टून बहुत पसंद हैं। मैं इन्हें अपने मोबाइल में सेव कर लेता हूं। कई कार्टून हमारे साथी भेज देते हैं।
उन्होंने पुस्तक के प्रकाशक व संपादक से कहा कि वे और ऐसे कार्टून तलाशें, जिनमें सरकार की कमियां उजागर होती हों। कानूनी कारणों से बहुत से कार्टून सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा, बुक में शामिल कार्टून अच्छे भी हैं और बुरे भी।
'मैं छठे साल भी साइकिल पर दिखाई दूंगा'
अखिलेश बोले, मुझे बच्चे बताते हैं कि एक टीवी चैनल पर मुझे साइकिल चलाकर आते हुए दिखाया जाता है। चार साल से दिखा रहे हैं। इस साल और दिखाएं तो छठे साल में भी साइकिल पर दिखाई दूंगा।