अखिलेश ने मोदी सरकार से मांगे 8737 करोड़
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से राज्य में आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई, विश्वविद्यालय शिक्षकों के एरियर के भुगतान और ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के लिए 8737.11 करोड़ रुपये जल्द दिए जाने का अनुरोध किया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि ओलावृष्टि, सूखा और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र ने कई महीने पहले रकम मंजूर कर ली थी, मगर इसे अभी तक जारी नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए भी पर्याप्त राशि नहीं दी गई है। ऐसे में पर्याप्त बजट न मिलने से सूबे का विकास प्रभावित हो रहा है।
आपदा राहत के लिए चाहिए 5834.36 करोड़
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य में ओलावृष्टि, सूखा और बाढ़ से हुए नुकसान के लिए 5834.36 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता जल्द देने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में बताया कि 2014 के फरवरी-मार्च में बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में भीषण ओलावृष्टि हुई।
इससे हुए फसलों के नुकसान का आकलन करते हुए केंद्र सरकार को 365.28 करोड़ रुपये का मेमोरेंडम 12 मई, 2014 को भेजा गया था।
इन जिलों में ये हुईं दिक्कतें
केंद्रीय दल द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के स्थलीय निरीक्षण के बाद उसके सुझाव पर जिलेवार ब्यौरा के साथ ही 270.55 करोड़ रुपये की संस्तुति करते हुए प्रकरण केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया गया, लेकिन अभी तक राशि स्वीकृत नहीं की गई।
कम वर्षा होने से सूबे 44 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। सूखे से निपटने के लिए 6138.45 करोड़ रुपये का मेमोरेंडम सितंबर, 2014 में केंद्र को भेजा गया। केंद्रीय दल के सुझावों के बाद अक्तूबर में 4819.49 करोड़ रुपये का संशोधित मेमोरेंडम भेज दिया गया था।
साथ ही, हमीरपुर, महोबा और बांदा के कुछ आंकड़ों के पुनरीक्षण के मद्देनजर 25 नवंबर को 4794.89 करोड़ रुपये का संशोधित मेमोरेंडम केंद्र को भेजा गया।
अचानक आई बाढ़ से 22 जिलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए 768.92 करोड़ रुपये का मेमोरेंडम-2014 केंद्र सरकार को दिया गया, लेकिन अभी तक कोई मदद उपलब्ध नहीं कराई गई है।
विवि शिक्षकों के एरियर के लिए मांगे 302.75 करोड़
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों के पुनरीक्षित वेतनमान की एरियर राशि के बचे 302.75 करोड़ रुपये देने का अनुरोध भी केंद्र से किया है।
पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर के विकास के लिए 80 प्रतिशत राशि अग्रिम के रूप में उपलब्ध कराने का केंद्र ने वादा किया है। ऐसे में केंद्र सरकार के हिस्से के 857.25 करोड़ में से बचे 302.75 करोड़ रुपये का भुगतान जल्द किया जाए।
ग्राम सड़क योजना के लिए 2600 करोड़ की दरकार
मुख्यमंत्री ने केंद्र से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की स्वीकृत कार्ययोजना और चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2600 करोड़ रुपये का खर्च निर्धारित करने का अनुरोध किया है।
इस मद में प्रदेश सरकार को एक हजार करोड़ रुपये जल्द उपलब्ध कराने को भी कहा है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केंद्र ने 31 मार्च, 2014 तक 5241.62 करोड़ रुपये के काम मंजूर किए थे।
इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 2593 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया और अपने बजट में रकम की व्यवस्था भी की, लेकिन वर्ष 2014-15 में केंद्र सरकार ने मात्र 591 करोड़ रुपये का बजट ही आवंटित किया और नवंबर 2014 तक कुल 578.43 करोड़ ही जारी किए।