पहेली बनी सपा मुखिया मुलायम की सिक्योरिटी!
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व उनकी एनएसजी सिक्योरिटी हटाने से जुड़ी अटकलों पर सियासी बयानबाजी के बजाय फिलहाल ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति पर चलने का संकेत किया है। हालांकि सीएम ने यह जरूर कहा कि सिक्योरिटी नहीं रहेगी, तो भी चलेंगे।
दरअसल सोमवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री एनेक्सी में महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के लिए रुके थे। यहां उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से सूबे के पिछड़े 680 विकास खंडों में केंद्र सरकार के सहयोग से छह से 12 वीं तक के मॉडल स्कूलों की स्थापना, क्लाइमेट चेंज स्टडी अथॉरिटी की स्थापना, नि:शक्तों की सुविधा के लिहाज से भवनों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के अलावा लोहिया आवासों की लागत बढ़ाने की जानकारी दी।
उन्होंने यूजर चार्ज लेकर बंद कताई मिलों को चलाने के लिए फैसले को भी अहम फैसलों में गिनाया।
सुरक्षा पर हो रही सियासत
यहीं मुख्यमंत्री से सवाल किया गया कि केंद्र द्वारा उनकी व सपा मुखिया की एनएसजी सुरक्षा हटाने पर विचार की खबरें आ रही हैं। क्या सुरक्षा पर सियासत नहीं हो रही है? मुख्यमंत्री ने पहले तो कहा कि अभी इस पर चर्चा करने का समय नहीं है। फिर बोले, सुरक्षा नहीं रहेगी तो भी चलेंगे।
केंद्र भी बढ़ाए आवासों की लागत
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोहिया आवास योजना लागू होने के बाद इसमें कई बदलाव किए गए हैं। इससे आवासों की लागत बढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने इसके मद्देनजर लोहिया आवासों की लागत बढ़ाकर 3.05 लाख रुपये प्रति आवास कर दी है।
केंद्र सरकार को भी केंद्रीय योजनाओं से बनने वाले आवासों की लागत बढ़ाकर कम से कम प्रदेश के बराबर करनी चाहिए। उन्होंने इंदिरा आवास, मछुआ आवास व शिल्पियों के लिए बनने वाले आवासों का खास तौर से जिक्र किया।