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लक्ष्य बना लेने के बाद उसकी पूर्ति ही मिशन : चंपत राय
Thu, 26 Sep 2024 07:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 26 Sep 2024 07:06 AM IST
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लखनऊ। गोमतीनगर स्थित सीएमएस स्कूल के सभागार में बुधवार को अशोक सिंघल की 98वीं जयंती पर काव्यांजलि का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अशोक सिंघल के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जीवन में लक्ष्य बना लेने के बाद उसकी पूर्ति ही मिशन बन जाता है।
अशोक सिंघल न्यास की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चंपत राय ने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय कर लेने के बाद उसे सफल करने के लिए प्रयास करने की प्रेरणा और उसे सफल होते देखने की प्रेरणा हमें स्व. सिंघल के जीवन से मिलती है। वे एक साधारण मनीषी होने के बाद भी असाधारण कार्य करने में सफल रहे। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि श्वेत वस्त्र धारण करने वाले सिंघल का जीवन सादगी की मिसाल थी।
शिखा भार्गव ने कहा कि लखनऊ आगमन पर अशोक सिंघल न्यास के ट्रस्टी भार्गव के घर पर ही ठहरते थे। उनके घर पर ही सभाओं का आयोजन करते थे। देर रात तक पुस्तकें पढ़ते थे। न्यास की संरक्षक अचला भार्गव व पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि मौजूद रहीं।
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डॉ. हरिओम पंवार की कविताओं ने भरा जोश
काव्यांजलि के दौरान कवियों ने देशभक्ति रचनाओं से श्रोताओं में जोश भर दिया। डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी कविता उरी का उत्तर घर में घुसकर... से उत्साह भर दिया। वहीं अभय निर्भीक ने भारत भू का नक्शा... कविता पढ़ी। शिवकुमार व्यास ने पढ़ा- सोच लिया गंगा सम बहना है...। विकास बौखल, प्रमोद द्विवेदी, अतुल नारायण और सोनी मिश्रा ने भी काव्यपाठ किया।
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अशोक सिंघल न्यास की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चंपत राय ने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय कर लेने के बाद उसे सफल करने के लिए प्रयास करने की प्रेरणा और उसे सफल होते देखने की प्रेरणा हमें स्व. सिंघल के जीवन से मिलती है। वे एक साधारण मनीषी होने के बाद भी असाधारण कार्य करने में सफल रहे। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि श्वेत वस्त्र धारण करने वाले सिंघल का जीवन सादगी की मिसाल थी।
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शिखा भार्गव ने कहा कि लखनऊ आगमन पर अशोक सिंघल न्यास के ट्रस्टी भार्गव के घर पर ही ठहरते थे। उनके घर पर ही सभाओं का आयोजन करते थे। देर रात तक पुस्तकें पढ़ते थे। न्यास की संरक्षक अचला भार्गव व पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि मौजूद रहीं।
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डॉ. हरिओम पंवार की कविताओं ने भरा जोश
काव्यांजलि के दौरान कवियों ने देशभक्ति रचनाओं से श्रोताओं में जोश भर दिया। डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी कविता उरी का उत्तर घर में घुसकर... से उत्साह भर दिया। वहीं अभय निर्भीक ने भारत भू का नक्शा... कविता पढ़ी। शिवकुमार व्यास ने पढ़ा- सोच लिया गंगा सम बहना है...। विकास बौखल, प्रमोद द्विवेदी, अतुल नारायण और सोनी मिश्रा ने भी काव्यपाठ किया।