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रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों को एक और तैनाती
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Fri, 29 Nov 2013 12:20 AM IST
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सहायता प्राप्त अशासकीय डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए शासन ने रिटायर्ड शिक्षकों को मानदेय पर पढ़ाने की अनुमति दे दी है।
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प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
इसमें रिटायर्ड शिक्षकों के लिए 400 से 600 से रुपये प्रति लेक्चर के हिसाब से मानदेय और शिक्षकों की चयन प्रक्रिया के बारे में भी प्रावधान किया गया है।
प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय डिग्री कॉलेजों में इस समय शिक्षकों के काफी पद खाली हैं। नए शिक्षकों की नियुक्ति न होने से अध्यापन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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ऐसे में शासन की ओर से नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत रिटायर हो चुके शिक्षकों के अनुभव का लाभ उठाया जा सकेगा।
ऐसे शिक्षक मानदेय के आधार पर कॉलेजों में 65 वर्ष की आयु तक पढ़ा सकेंगे। इस संबंध में उच्च शिक्षा सचिव नीरज कुमार गुप्ता ने शासनादेश जारी कर दिया है।
इसके बाद मानदेय के आधार पर शिक्षकों के पढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षकों की चयन समिति का गठन किया जाएगा।
समिति का अध्यक्ष संबंधित जनपद के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का प्राचार्य होगा।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी सदस्य संयोजक और संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य और स्नातक महाविद्यालय के वरिष्ठतम रीडर सदस्य के रूप में होंगे।
समिति द्वारा चुने हुए शिक्षकों का अनुमोदन संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित समिति से कराना होगा।