गुर्दे के मरीजों के लिए खुशखबरी, एडवांस होगा इलाज
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संजय गांधी पीजीआई में गुर्दा रोगियों के लिए एडवांस रीनल एंड डायलिसिस सेंटर बनेगा। संस्थान की सबसे मुख्य संस्था इंस्टीट्यूट बॉडी ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। सेंटर के लिए जरूरी संसाधन जुटाने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
इस सेंटर में एक ही जगह पर मरीज की जांच, इलाज, डायलिसिस और ट्रांसप्लांट की सुविधा होगी। इसके अलावा गुर्दा प्रत्यारोपण से जुड़ी सभी विधाओं में विशेषज्ञ तैयार करने का कार्य भी एडवांस रीनल सेंटर में होगा।
संजय गांधी पीजीआई में वर्तमान में नेफ्रोलॉजी विभाग में गुर्दा रोगियों के इलाज और डायलिसिस की सुविधा है। जबकि गुर्दा प्रत्यारोपण यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों के साथ मिलकर किया जाता है। एडवांस रीनल एंड डायलिसिस सेंटर में सभी सुविधाएं एक ही जगह पर मिलेंगी।
छह महीने में उपलब्ध होगी डायलिसिस की सुविधा
नेफ्रोलॉजी विभाग के हेड और संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. आरके शर्मा ने बताया कि 1987 में संजय गांधी पीजीआई में विभाग की शुरुआत के छह माह के अंदर डायलिसिस की सुविधा शुरू कर दी गई थी।
डायलिसिस की सात मशीनें जापान की सहायता से संस्थान को मिली थीं। इसके बाद से विभाग में लगातार मरीजों से जुड़ी सुविधाएं बढ़ती गई हैं। इस समय 24 घंटे सातों दिन डायलिसिस की सुविधा है।
एक पत्रिका के सर्वे में लगातार तीन साल से नेफ्रोलॉजी विभाग की सेवाएं देश में टॉप थ्री में स्थान पा रही हैं। उन्होंने बताया कि एडवांस रीनल सेंटर एंड डायलिसिस सेंटर के लिए अलग भवन, प्रयोगशाला, किडनीदाता के लिए विशेष वाहन, अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत पड़ेगी। इस पर लगभग 50 करोड़ से अधिक रुपये की अनुमानित लागत आएगी। जो और आगे बढ़ सकती है।