हार के बाद भी आदित्यनाथ का अकेला एजेंडा, हिंदुत्व!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महन्त अवेद्यनाथ के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आए योगी महासभा के सदस्यों ने बुधवार की सुबह बैठक कर आदित्यनाथ को अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा का निर्विरोध अध्यक्ष चुना।
अध्यक्ष चुने जाने पर महन्त आदित्यनाथ ने कहा कि यह संगठन नाथ पंथ तथा षड्दर्शन के योगेश्वरों को एकत्रित कर राष्ट्र और समाज के हित के कार्य पहले से करता आ रहा है। वह इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
महन्त आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ और बृहद हिंदू समाज के साथ-साथ योगी महासभा का दायित्व उनके गुरुदेव ने जीवन पर्यंत निभाया। इसलिए उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
योगी महासभा के योग्य एवं अनुभवी संतों एवं महन्तों के सहयोग से नई चुनौतियों का सामना करेंगे। योगी महासभा गुरु गोरक्षनाथ महराज द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का पालन करते हुए हिंदू धर्म के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
अध्यक्ष चुने गए आदित्यनाथ
योगी महासभा के अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आठ बजे सुबह शुरू हुई। इसमें भाग लेने के लिए देश भर से संत आए हुए थे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अस्थल बोहर के महन्त चांदनाथ ने महन्त अवेद्यनाथ के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वह जीवन पर्यंत योगी महासभा के अध्यक्ष रहे।
उनके नेतृत्व में योगी महासभा के कार्य क्षेत्र का विस्तार पूरे देश में हुआ। देश के विभिन्न मठों के योगेश्वरों ने इटली, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, अमेरिका, ब्राजील, थाईलैंड व नेपाल में सनातन हिंदू धर्म का प्रचार किया। उनके नेतृत्व में हिंदू धर्म का चौतरफा उत्थान हुआ।
इसके बाद हरिद्वार के महंत चेताईनाथ ने अध्यक्ष पद के लिए महन्त आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने व्यापक चर्चा की। जिसके बाद आदित्यनाथ निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।
बैठक में महन्त चांदनाथ, महंत चेताईनाथ, शिवनाथ जी, महन्त शेरनाथ, महन्त नरहरिनाथ, निरंजननाथ, सत्येंद्रनाथ, मिथिलेश नाथ, पीर पारसनाथ, महन्त चंद्रनाथ, महन्त विशालनाथ, पीर पारसनाथ, कमलनाथ आदि उपस्थित थे।