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Vikas Dubey Encounter: विकास को सरेंडर करने के लिए कहा था वो नहीं माना, आत्मरक्षा में मारनी पड़ी गोलीः एडीजी
Fri, 10 Jul 2020 02:44 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 10 Jul 2020 02:44 PM IST
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एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार।
- फोटो : amar ujala
यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विकास दुबे गाड़ी पलट जाने के बाद पुलिसकर्मी की पिस्तौल लेकर भागा था। उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया तो वो नहीं माना जिसके बाद आत्मरक्षा में उस पर फायरिंग की गई जिसमें वह घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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उन्होंने बताया कि इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में 21 अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था जिसमें से तीन गिरफ्तार किए गए हैं। छह मारे जा चुके हैं। सात जेल जा चुके हैं।
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बता दें कि एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विकास दुबे के भाजपा नेताओं के साथ संबंधों का खुलासा न हो जाए इसलिए उसे मार दिया गया।3 sub-inspector, 1 constable & 2 STF commandos were injured during the incident. In this case, so far, 3 people have been arrested, 6 accused killed, 7 people sent to jail (under section 120B IPC), &12 wanted criminals still absconding:Prashant Kumar, UP ADG-Law&Order#VikasDubey pic.twitter.com/nAAKS3iXOY
— ANI UP (@ANINewsUP) July 10, 2020
उन्होंने कहा कि जो पर्ची सपा की सदस्यता की दिखाई जा रही है हो सकता है कि वो कानपुर एनकाउंटर के बाद बनाई गई हो क्योंकि भाजपा के लोग साजिश करते हैं इसलिए जरूरी है कि विकास दुबे और उससे जुड़े लोगों के मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) निकलवाई जाए जिससे कि पता चल जाए कि उससे किन लोगों के संबंध थे।
अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे तो दुख है कि विकास दुबे की मां से भी यह कहलवा दिया गया कि वो सपा में था और सभी जानते हैं कि भाजपा के लोग षडयंत्र करने में माहिर हैं। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उस सीट पर सपा की उम्मीदवार एक अन्य महिला थीं। उन्होंने कहा कि अगर संभव है तो पांच साल की सीडीआर जनता के सामने रख दी जाए तो पता चल जाएगा कि विकास दुबे को कौन संरक्षण दे रहा था?
बता दें कि विकास दुबे के एनकाउंटर पर अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है। अखिलेश यादव ने सपा सरकार के दौरान विकास दुबे को सजा न देने पर कहा कि 2001 में भाजपा सरकार के दौरान थाने के अंदर घुसकर एक राज्यमंत्री की हत्या कर दी गई थी अगर तब कार्रवाई हो जाती तो आज ये दिन न देखना पड़ता।