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उप मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश: अस्पताल बंद मिले तो प्रभारी चिकित्साधिकारी के खिलाफ होगी कार्रवाई
Mon, 10 Apr 2023 08:01 PM IST
ishwar ashish
अमर उजला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 10 Apr 2023 08:01 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सरकारी अस्पतालों के खुलने को लेकर सख्त निर्देश जारी किया है। खीरी के एक मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने पर संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने खीरी स्थित ओयल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के बंद होने के मामले में रिपोर्ट तलब की है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है।
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प्रदेश में कई स्थानों से प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की सूचना आ रही है। आठ अप्रैल की रात खीरी के मछदेई थाना निवासी कौशल की पत्नी आरती को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 102 एम्बुलेंस सेवा को फोन किया। एम्बुलेंस तय समय पर पहुंची। परिजन गर्भवती आरती को लेकर ओयल पीएचसी पहुंचे।
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आरोप है कि पीएचसी बंद मिली। गर्भवती को एम्बुलेंस से बेहजम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजना पड़ा, जहां उसका इलाज हो सका। इस मामले की जानकारी मिलने पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके गुप्ता और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लालजी पासी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पताल तय समय पर खोले व बंद किए जाएं। उन्होंने सोमवार को सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है कि इमरजेंसी सेवाएं किसी भी कीमत पर बंद नहीं होनी चाहिए। जहां भी अस्पताल बंद मिलेगा, संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ को निर्देश दिया कि अपने स्तर से ग्रामीण इलाके के अस्पतालों की जांच कराएं। मुख्यालय से जांच होने पर अस्पताल बंद मिले तो सीएमओ को भी कार्य के प्रति लापरवाह माना जाएगा और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।