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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने वीसी-रजिस्ट्रार को घेरा, तीखी नोकझोंक
Sat, 16 Mar 2019 01:24 AM IST
manoj tiwari
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: manoj tiwari
Updated Sat, 16 Mar 2019 01:24 AM IST
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के आर्ट्स कॉलेज के विद्यार्थियों की समस्याओं पर कार्रवाई के लिए शुक्रवार को चौथे दिन भी परिसर का माहौल गर्म रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने पहले रजिस्ट्रार एसके शुक्ला फिर कुलपति प्रो. एसपी सिंह का घंटों घेराव किया। इस दौरान समस्याओं पर ठोस कार्रवाई न होने व प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह की तानाशाही पर कार्रवाई के लिए विद्यार्थियों की अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई।
कुलपति से हुई वार्ता में छात्रों ने कहा कि परिसर में जब किसी छात्र संगठन का आंदोलन होता है तो पुलिस के दम पर दबा दिया जाता है। आखिर क्या कारण रहा कि तीन दिन से आर्ट्स कॉलेज के छात्र आंदोलन कर रहे हैं और कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं गया? छात्रों ने कहा कि ठीक दो दिन पहले प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि घोषित करना किस नियम में आता है? छात्रों को मूलभूत सुविधाएं देने की जिम्मेदारी किसकी है?
छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य डॉ. रतन कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद छात्रों ने एक ऑडियो सुनाना चाहा, जिसमें असिस्टेंट प्रॉक्टर प्रो. गुरुनाम सिंह पर छात्रों को धमकाने का आरोप लगाया। कुलपति ने कहा कि इसे भेज दें, इसे दिखवाया जाएगा। प्रॉक्टर प्रो. सिंह द्वारा लगातार सामान्य छात्रों को उत्पीड़ित किए जाने का मुद्दा उठाते हुए छात्रों ने उन्हें हटाने की मांग की। छात्रों ने आर्ट्स कॉलेज के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने। सेमेस्टर प्रणाली को बंद करने, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करन जैसी अन्य मांगें की। वीसी ने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में विवि इकाई अध्यक्ष राजाराम कुशवाहा, मानसी सिंह, अजीत प्रताप सिंह, प्रणव कांत सिंह, आदर्श आदि शामिल थे।
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परीक्षा में शामिल हुए, फिर धरने पर बैठे
आंदोलन के बाद भी आर्ट्स कॉलेज में शुक्रवार से विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो गईं और विद्यार्थी इसमें शामिल भी हुए। आंदोलन को देखते हुए कॉलेज के मेन गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। छात्रों ने दोपहर 12 बजे तक परीक्षा दी। इसके बाद परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया। उन्होंने कहा कि वे परीक्षाएं इसलिए दे रहे हैं ताकि उनका कॅरिअर खराब न हो लेकिन मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। छात्रों का आरोप है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए धमकाया।
प्रवेश परीक्षा आवेदन में विलंब शुल्क का विरोध
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति से वार्ता में यूजी-पीजी प्रवेश परीक्षा के आवेदन में विलंब शुल्क का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आवेदन में किस तरह का विलंब शुल्क। कुलपति ने कहा कि वो इस पर सकारात्मक विचार करेंगे, जरूरत पड़ी तो इसे खत्म कर देंगे।
कंटेंजेंसी फंड होगा जारी, मिलेंगे पांच कंप्यूटर भी
कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि छात्रों की एक-एक मांग पर कार्रवाई की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज का कंटेंजेंसी फंड शनिवार तक जारी हो जाएगा। ताकि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए आवश्यक चीजें खरीदी जा सकें। कॉलेज को पांच कंप्यूटर भी दिए जा रहे हैं। हॉस्टल आदि समस्याओं का सर्वे कराया गया है। इस पर बजट के अनुसार कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि शासन को लगभग 10 करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
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कुलपति से हुई वार्ता में छात्रों ने कहा कि परिसर में जब किसी छात्र संगठन का आंदोलन होता है तो पुलिस के दम पर दबा दिया जाता है। आखिर क्या कारण रहा कि तीन दिन से आर्ट्स कॉलेज के छात्र आंदोलन कर रहे हैं और कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं गया? छात्रों ने कहा कि ठीक दो दिन पहले प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि घोषित करना किस नियम में आता है? छात्रों को मूलभूत सुविधाएं देने की जिम्मेदारी किसकी है?
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छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य डॉ. रतन कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। इसके बाद छात्रों ने एक ऑडियो सुनाना चाहा, जिसमें असिस्टेंट प्रॉक्टर प्रो. गुरुनाम सिंह पर छात्रों को धमकाने का आरोप लगाया। कुलपति ने कहा कि इसे भेज दें, इसे दिखवाया जाएगा। प्रॉक्टर प्रो. सिंह द्वारा लगातार सामान्य छात्रों को उत्पीड़ित किए जाने का मुद्दा उठाते हुए छात्रों ने उन्हें हटाने की मांग की। छात्रों ने आर्ट्स कॉलेज के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने। सेमेस्टर प्रणाली को बंद करने, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करन जैसी अन्य मांगें की। वीसी ने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में विवि इकाई अध्यक्ष राजाराम कुशवाहा, मानसी सिंह, अजीत प्रताप सिंह, प्रणव कांत सिंह, आदर्श आदि शामिल थे।
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परीक्षा में शामिल हुए, फिर धरने पर बैठे
आंदोलन के बाद भी आर्ट्स कॉलेज में शुक्रवार से विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो गईं और विद्यार्थी इसमें शामिल भी हुए। आंदोलन को देखते हुए कॉलेज के मेन गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। छात्रों ने दोपहर 12 बजे तक परीक्षा दी। इसके बाद परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया। उन्होंने कहा कि वे परीक्षाएं इसलिए दे रहे हैं ताकि उनका कॅरिअर खराब न हो लेकिन मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। छात्रों का आरोप है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए धमकाया।
प्रवेश परीक्षा आवेदन में विलंब शुल्क का विरोध
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति से वार्ता में यूजी-पीजी प्रवेश परीक्षा के आवेदन में विलंब शुल्क का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आवेदन में किस तरह का विलंब शुल्क। कुलपति ने कहा कि वो इस पर सकारात्मक विचार करेंगे, जरूरत पड़ी तो इसे खत्म कर देंगे।
कंटेंजेंसी फंड होगा जारी, मिलेंगे पांच कंप्यूटर भी
कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि छात्रों की एक-एक मांग पर कार्रवाई की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज का कंटेंजेंसी फंड शनिवार तक जारी हो जाएगा। ताकि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए आवश्यक चीजें खरीदी जा सकें। कॉलेज को पांच कंप्यूटर भी दिए जा रहे हैं। हॉस्टल आदि समस्याओं का सर्वे कराया गया है। इस पर बजट के अनुसार कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि शासन को लगभग 10 करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा गया है।