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Lucknow News: नौकरी के नाम पर युवक को लखनऊ बुलाया, अपहरण कर बनाया बंधक, पीटकर घरवालों से वसूली फिरौती
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लखनऊ। नौकरी का झांसा देकर गाजीपुर जिले के गंगौली कासिमाबाद निवासी विजय भारती को लखनऊ बुलाया गया। यहां उनका अपहरण कर बंधक बनाकर पीटा गया। उन्हें छोड़ने के बदले घरवालों से 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई। दस हजार रुपये मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया। पीड़ित ने बुधवार को हुसैनगंज थाने में बंधक बनाने, फिरौती और धोखाधड़ी की धारा में दो नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
विजय भारती के मुताबिक, वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहे थे। इस बीच सोशल मीडिया के जरिये उनकी पहचान बलिया निवासी बंटी से हुई। उसने बताया कि वह कपड़ों की पैकिंग का काम करता है। वह उनकी भी नौकरी 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर लगवा देगा। नौ जून को विजय उत्सर्ग ट्रेन से लखनऊ के लिए निकले। बंटी ने उन्हें कॉल कर ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर उतरने की बात कही। स्टेशन पहुंचने पर उन्हें एसके यादव मिला। वह उन्हें पारा स्थित एक मकान में ले गया, जहां बंटी पहले से मौजूद था। थोड़ी देर बाद दो युवक और आ गए।
चारों ने उन्हें कमरे बंधक बनाकर पीटा और घरवालों को कॉल कर 50 हजार मांगने की बात कही। डरे सहमे विजय ने चाचा ओमप्रकाश भारती को फोन कर रुपये देने को कहा। उन्होंने किसी तरह दस हजार का प्रबंध किया और रकम विजय के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बंटी और एसके यादव विजय का मोबाइल लेकर जनसेवा केंद्र पहुंचे और पूरी रकम निकाल ली। इसके बाद 11 जून को उन्हें स्टेशन रोड सीएमएस स्कूल के पास छोड़कर भाग निकले। इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता के मुताबिक स्टेशन रोड और ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
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विजय भारती के मुताबिक, वह काफी समय से नौकरी की तलाश कर रहे थे। इस बीच सोशल मीडिया के जरिये उनकी पहचान बलिया निवासी बंटी से हुई। उसने बताया कि वह कपड़ों की पैकिंग का काम करता है। वह उनकी भी नौकरी 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर लगवा देगा। नौ जून को विजय उत्सर्ग ट्रेन से लखनऊ के लिए निकले। बंटी ने उन्हें कॉल कर ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर उतरने की बात कही। स्टेशन पहुंचने पर उन्हें एसके यादव मिला। वह उन्हें पारा स्थित एक मकान में ले गया, जहां बंटी पहले से मौजूद था। थोड़ी देर बाद दो युवक और आ गए।
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चारों ने उन्हें कमरे बंधक बनाकर पीटा और घरवालों को कॉल कर 50 हजार मांगने की बात कही। डरे सहमे विजय ने चाचा ओमप्रकाश भारती को फोन कर रुपये देने को कहा। उन्होंने किसी तरह दस हजार का प्रबंध किया और रकम विजय के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बंटी और एसके यादव विजय का मोबाइल लेकर जनसेवा केंद्र पहुंचे और पूरी रकम निकाल ली। इसके बाद 11 जून को उन्हें स्टेशन रोड सीएमएस स्कूल के पास छोड़कर भाग निकले। इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता के मुताबिक स्टेशन रोड और ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
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