27 साल से गन्ना भुगतान के लिए भटक रहे किसान का सब्र टूटा... अफसर को लात-घूसों से पीटा
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फैजाबाद के बीकापुर तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस पर मंगलवार दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई, जब डीएम व कप्तान की मौजूदगी में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने जिला गन्ना अधिकारी हेमराज को तमाचा जड़ने के साथ लात-घूंसे से ताबड़तोड़ पिटाई कर दी। किसान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। डीएम समेत आला अधिकारी घटना से सन्न रह गए, सख्त कार्रवाई की हिदायत देते दिखे। मगर जब मौजूद भीड़ को पता चला कि बुजुर्ग किसान 27 सालों से अपने चार ट्रॉली गन्ना का बकाया भुगतान पाने के लिए ठोकरें खा रहा है, तो सबने उसकी हिम्मत की दाद भी दी।
बीकापुर तहसील के पातूपुर दोहरी गांव निवासी बुजुर्ग किसान रामतेज वर्मा मंगलवार सुबह से तहसील में अधिकारियों की बाट जोह रहा था। संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम समेत सभी विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे। बुजुर्ग किसान रामतेज ने अपनी पीड़ा सुनाई। किसान का कहना था कि मसौधा शुगर मिल को पेराई सत्र 1990-91 में बेचे गए चार ट्रॉली गन्ने के पैसे का भुगतान पाने के लिए करीब 27 वर्षों से जिला गन्ना अधिकारी, शुगर मिल व गन्ना समिति का चक्कर लगा रहा है।
इन 27 वर्षों में उसने धरना-प्रदर्शन से लेकर मुख्यमंत्री योगी के दरबार से लेकर आला अधिकारियों तक से कई बार शिकायत की, हर दिवस पर शिकायत दर्ज कराता है, जिसकी जांच जिला गन्नाधिकारी को मिलती रहती है। लेकिन उसे सिवा आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
पीड़ित किसान रामतेज के अनुसार पेराई सत्र 1990-91 के दौरान उनके पिता त्रिवेणी वर्मा के नाम जारी की गई गन्ना पर्ची पर 26 मार्च, 30 मार्च, 5 अप्रैल व 9 अप्रैल 1991 को चार ट्रॉली गन्ने की तौल शुगर मिल में कराई थी। सभी चार ट्राली गन्ने का मूल्य 10 हजार 864 रुपये था, जिसका भुगतान आजतक नहीं किया गया।
किसी ने नहीं दिया शिकायत पर ध्यान, सीएम योगी से भी की मुलाकात
शुगर मिल द्वारा गन्ना समिति और गन्ना समिति द्वारा शुगर मिल की कमी बता कर इधर-उधर दौड़ाया जाता रहा। पहले पैसे के भुगतान के लिए उनके पिता त्रिवेणी वर्मा दौड़ भाग करते रहे और 15 वर्ष पूर्व त्रिवेणी वर्मा की मौत हो जाने के बाद वह पैसे के भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा है। बताया कि पिछले वर्ष उनकी पत्नी की भी बीमारी के चलते मौत हो चुकी है, फिर भी उसे पैसा नहीं मिला। उसकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मुख्यमंत्री से लखनऊ दरबार में भी मिल चुका था किसान
गन्ने के पैसे का भुगतान पाने के लिए बुजुर्ग किसान 27 वर्ष में जिले के सभी जिलाधिकारी से मिल चुके हैं। जिला गन्ना अधिकारी, तहसील दिवस सहित जिले के सभी आला अधिकारियों के अलावा 1 मई 2017 से 8 मई 2017 को एक सप्ताह तक अपने कुछ सहयोगियों के साथ तिकोनिया पार्क फैजाबाद में धरना भी दिया था। समस्या का निराकरण नहीं होने पर 10 मई को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी फरियाद की। 10 मई को जनता दरबार में मुख्यमंत्री के नहीं मिलने पर खाद एवं रसद मंत्री अतुल गर्ग ने शिकायत पत्र लेकर बकाया गन्ने के पैसे का भुगतान दिलवाने का आश्वासन दिया था लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
कानून को हाथ में लेना गलत : डीएम
जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार बताया कि इस तरह संपूर्ण समाधान दिवस में अराजकता फैलाना और मारपीट करना गंभीर मामला है। पीड़ित किसान को परेशानी थी तो वह पहले हमसे मिलकर शिकायत करता। दोषी पर कार्रवाई की जाती। कानून हाथ में लेना गलत है। कोतवाल को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।