इंजीनियर की हत्या से सनसनी, कार में मिला शव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मड़ियांव के केशवनगर निवासी रिटायर्ड कैप्टन केदारनाथ तिवारी के बेटे शैलेश तिवारी उर्फ टिंकू (32) की लाश घर के निकट खड़ी कार में औंधे मुंह पड़ी मिली। उसके सिर व चेहरे पर चोट के निशान थे और शरीर नीला पड़ चुका था।
शैलेश तिवारी शनिवार दोपहर से ही लापता था। उसके खिलाफ इंदिरानगर थाने में कुछ दिनों पहले ही एक लड़की ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था।
समझौते के लिए टिंकू लड़की के भाइयों से मिलने जाने की बात कहकर निकला था। देर रात नहीं लौटा तो परिवारवालों ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन गुमशुदगी नहीं दर्ज की गई। परिवारवालों ने हत्या का आरोप लगाया है।
इंजीनियर शैलेश तिवारी उर्फ टिंकू एमजीएस फोर्ड कंपनी में सर्विस मैनेजर (मैकेनिकल) के पद पर कार्यरत था। वहीं पर काम करने वाली एक लड़की से उसकी दोस्ती हो गई थी।
लड़की ने दर्ज कराई थी छेड़खानी की रिपोर्ट
बाद में लड़की ने टिंकू पर छेड़खानी का आरोप लगाया। इसे लेकर दो माह पहले टिंकू को नौकरी भी छोड़नी पड़ी थी। 12 जून को लड़की ने इंदिरानगर थाने में छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
कई बार टिंकू को इंदिरानगर थाने बुलाया गया। इसे लेकर टिंकू परेशान था और खुद को झूठे आरोपों में फंसाए जाने की बात कहता था। शनिवार को उसने पत्नी अर्चना से कहा कि लड़की के भाइयों ने उसे बुलाया है। बातचीत के बाद समझौते का रास्ता निकल सकता है।
दोपहर लगभग तीन बजे टिंकू कार लेकर घर से निकला। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो पिता केदारनाथ व पत्नी ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे टिंकू की कार घर से कुछ दूर अन्ना मार्केट में सड़क किनारे खड़ी मिली। पिछली सीट पर टिंकू का शव औंधे मुंह पड़ा था। घरवालों का आरोप है कि टिंकू की हत्या की गई है। बकौल पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने जुटाए साक्ष्य
शैलेश की कार से फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। फिंगर प्रिंट के नमूने भी लिए हैं। इस दौरान टीम को कोई महत्वपूर्ण सुराग तो नहीं मिले, लेकिन कार में कुछ और लोगों की मौजूदगी के निशान मिले हैं।
शुरुआती जांच पड़ताल के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने भी हत्या की ओर ही इशारा किया है। बताया कि कार की दोनों अगली सीटें आगे खिसकी हुई थीं। पीछे की सीट पर टिंकू का शव भी औंधे मुंह पड़ा मिला। ऐसे कोई भी व्यक्ति कार में न बैठता है और न ही लेटता है।
नहीं मिले मोबाइल व पर्स
शैलेश के दो मोबाइल फोन और पर्स भी गायब है। इससे पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि टिंकू ने आखिरी बार किससे बात की। अब पुलिस इस मामले में सर्विलांस सेल की मदद ले रही है।
घर में था सबसे लाडला
परिवार में सबसे छोटा होने से शैलेश सबसे लाडला था। कैप्टन केदारनाथ के बड़े बेटे डॉक्टर राजेश तिवारी लंदन में साइंटिस्ट है। उसकी पत्नी स्मिता भी डॉक्टर हैं। उनसे छोटे राकेश व दुर्गेश आर्मी में हैं लगभग बाहर ही रहते हैं। टिंकूकी शादी तीन वर्ष पहले ही अर्चना से हुई थी। उसे शराब पीने की बुरी लत थी।