96 हजार गांवों के हर घर में ‘इज्जत घर’, 518 ब्लॉक और 48 जिले ओडीएफ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख योजनाओं में शामिल स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने में प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश के 518 ब्लॉक, 96 हजार गांव और 48 48 जिलों के प्रत्येक घर में अब ‘इज्जत घर’ है।
भले ही इन शौचालयों का अभी पूरी तरह से उपयोग न हो रहा हो पर गांवों में खुले में शौच के लिए जाने की सैकड़ों साल पुरानी परंपरा टूट रही है। हालांकि शुक्रवार को ओडीएफ गांवों की संख्या और बढ़ सकती है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने 30 नवंबर को प्रदेश को ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा था।
पंचायतीराज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले पांच वर्षों में 1.70 करोड़ से ज्यादा व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। इसके कारण अब 99.97 परिवारों के पास शौचालय हैं। वर्ष 2012 के बेसलाइन सर्वे के मुताबिक प्रदेश के गांवों में कुल परिवारों की संख्या 2,49,77,202 थी।
इनमें से 76 लाख 36 हजार 569 परिवारों के पास शौचालय थे। 28 नवंबर तक मिली सूचना के मुताबिक अब 2,49,68,790 परिवार के पास शौचालय हैं। यानी सिर्फ 8412 परिवार ही शौचालय विहीन हैं। शुक्रवार को घोषित ओडीएफ घोषित गांवों में 87.35 लाख शौचालयों का निर्माण इसी वर्ष 2018-19 में हुआ है।
योगी सरकार में आई तेजी
वर्ष 2014-15 से चल रहे स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण ने योगी सरकार आने के बाद रफ्तार पकड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मिशन को मुख्यमंत्री ने शीर्ष प्राथमिकता में रखा। मंत्री भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक इस साल 97 लाख से ज्यादा शौचालय बने हैं। 2017-18 में यह संख्या 40 लाख रही। इससे पहले वर्ष 2016-17 में 17.35 लाख, 2015-16 में 6.80 लाख और 2014-15 में मात्र 5.09 लाख व्यक्तिगत शौचालय बने थे।
ओडीएफ लक्ष्य के नजदीक
प्रधानमंत्री ने 2 अक्तूबर 2019 तक देश को ओडीएफ करने का लक्ष्य तय किया था लेकिन योगी सरकार ने इसे 2 अक्तूबर-2018 निर्धारित किया था। काम अधूरा रहने पर सरकार ने दो अक्तूबर को इसे बढ़ाकर 30 नवंबर किया था। ऐसे में 28 नवंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक 97,334 गांवों में से 96,035 को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। 822 में से 518 ब्लॉक और 75 में से 48 जिले ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। 30 नवंबर तक प्रदेश खुले में शौच से मुक्त तो नहीं लेकिन लक्ष्य के नजदीक जरूर पहुंच जाएगा।
ओडीएफ गांवों, ब्लॉकों के सत्यापन में जिले पिछड़े
प्रदेश के गांव, ब्लॉक व जिले बड़ी तादाद में ओडीएफ घोषित हो चुके हैं पर सत्यापन की रफ्तार सुस्त है। ओडीएफ घोषित 518 ब्लॉक में से केवल 56 का ही सत्यापन हुआ है। इसी तरह 57,193 ओडीएफ ग्राम पंचायतों में से केवल 14,719 का ही सत्यापन हुआ है। कुल 96,035 ओडीएफ गांवों में अब तक 31,515 सत्यापित हो चुके हैं।