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रहिमन पानी राखियो, बिन पानी सब सून

Thu, 22 Mar 2018 12:00 AM IST
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:00 AM IST
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रहिमन पानी राखियो, बिन पानी सब सून
बहराइच। रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून... की उक्ति वर्तमान समय में लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है। इसी कारण सरकारी और गैर सरकारी कार्यक्रमों के तहत लोगों के बीच जल संरक्षण को लेकर जागरूकता पैदा करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बाद भी जिले के तालाब सूखे पड़े हैं। गर्मी बढ़ने के बाद भी तालाबों में पानी नहीं भरवाया गया है।
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बहराइच जनपद की आबादी लगातार बढ़ रही है। 2001 की जनगणना में जहां जिले की आबादी महज 23 लाख थी, 2011 की जनगणना में यह 34 लाख के करीब पहुंच गई। वर्तमान समय में जिले की आबादी 41 लाख से अधिक है। जिले के 14 विकासखंडों में 2235 तालाब हैं।
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इन तालाबों से जल संरक्षण को परवान चढ़ाने की कार्य योजना प्रशासन हर साल तय करता है। मगर तालाबों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण इनका अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है। कई तालाब सूखे पड़े हैं। जिले के ग्रामीण अंचलों में मवेशियों के पेयजल का संकट भी गहराता जा रहा है। यूपी सरकार के आदेशों के बाद तालाबों का जीर्णोद्धार कराने पर लाखों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं। मगर कुछ साल बाद देखरेख के अभाव में हालत खराब हो जाती है।
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जिले में तालाब- 2235
अतिक्रमण वाले तालाब- 87
विवादित तालाब- 80

तालाब में लहलहा रही फसल
विकास खंड हुजूरपुर के ग्राम पंचायत ताजपुर में वर्ष 2011-12 में मनरेगा के तहत निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कराया गया था। इस पर दो लाख रुपये की लागत आई थी। मगर अब तालाब में खेती शुरू हो गई है। यही हालात अन्य गांवों में भी हैं। शहरी इलाकों में कानूनगोपुरा, स्टेशन रोड, ब्राह्मणीपुरा, गुलामअलीपुरा आदि मोहल्लों में तालाब पर मल्टी कांप्लेक्स व आवासीय भवनों के निर्माण कर लिए गए हैं।

तालाब के अस्तित्व पर ही संकट
शहर के मोहल्ला डिगिहा के निकट स्थित तालाब पर बीते दशक भर के अंदर कब्जा हो गया है। अब तालाब का एक कोना बचा है। इस मामले में मुकदमेबाजी भी हुई। प्रशासन ने कई बार सख्ती की, लेकिन कब्जे का सिलसिला थमा नहीं। सार्वजनिक तालाब का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है।

पानी के लिए भटकते हैं मवेशी
जरवल विकासखंड अंतर्गत धनसरी गांव में स्थित सार्वजनिक तालाब क्षेत्र के मवेशी पालकों का आसरा थे। मवेशी पालक मवेशियों को लाकर यहीं नहलाते थे। पानी भी पिलाते थे, लेकिन गर्मी शुरू होते ही तालाब सूख गया। अब पानी की तलाश में मवेशी भटकते रहते हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

180 तालाबों का हो रहा जीर्णोद्धार
मनरेगा योजना के तहत जिले के 79 तालाबों के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। 180 तालाबों के निर्माण का कार्य चल रहा है। इनका जीर्णोद्धार होने के बाद पेयजल संरक्षण की दिशा में और कदम उठाए जाएंगे।

पानी भरवाने के निर्देश, हटेंगे कब्जे
गर्मी तेजी से बढ़ रही है। ग्राम पंचायतों से पेयजल संरक्षण को देखते हुए तालाबों के निर्माण के प्रस्ताव मांगे गए हैं। तालाबों के सौंदर्यीकरण का भी प्रस्ताव मांगा गया है।


सभी बीडीओ को ग्राम प्रधानों के माध्यम से सूखे तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिन तालाबों पर कब्जे हैं, उन्हें चिन्हित कर कब्जा हटवाने का अभियान निरंतर चल रहा है।
-रामचंद्र, सीडीओ बहराइच
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