{"_id":"5a5500484f1c1b47198b5dc7","slug":"91515520072-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घने कोहरे व सर्द हवा से ठिठुरे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घने कोहरे व सर्द हवा से ठिठुरे लोग
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। घने कोहरे व सर्द हवाओं का प्रकोप मंगलवार को भी जारी रहा। कोहरा पड़ने के साथ ही सर्द हवाओं के चलने से मंगलवार को लोग कांप उठे। कड़ाके की ठंड से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते रहे, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहे थे। मौसम अत्यंत खराब होने के चलते पूर्वाह्न तक चालकों को सड़कों पर लाइट जलाकर वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ा। दोपहर बाद बाजारों में कुछ चहल-पहल दिखी, लेकिन शाम होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसर गया। खराब मौसम ने जहां आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से दुकानदारों के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें खिंच गई है। उनका कहना है कि यदि मौसम का मिजाज आगे भी ऐसा ही रहा, तो कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 11 डिग्री व न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिन-प्रतिदिन बढ़ती ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगभग एक पखवारे से घने कोहरे व सर्द हवाओं के प्रकोप ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कड़ाके की ठंड के चलते विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है, तो व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते बाजारों में आमतौर पर सन्नाटे का ही माहौल रहता है। मंगलवार को भी घना कोहरा पड़ने के साथ ही सर्द हवाएं चलती रहीं। रविवार शाम से घने कोहरे व सर्द हवा का शुरू हुआ प्रकोप मंगलवार तक अनवरत जारी रहा। कोहरे के चलते पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। हाड़कंपाऊ ठंड से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते रहे, लेकिन सर्द हवाओं ने उनके सभी उपायों को बेकार साबित कर दिया। अकबरपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे। शहरी व नगरीय क्षेत्रों में तो प्रशासन की तरफ से अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को खुद ही अलाव की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
खराब मौसम का व्यवसाय पर पड़ा असर
खराब हुए मौसम ने व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। लोगों के बाजारों में कम पहुंचने से दुकानदारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। सराफा व्यवसायी अनुज सोनी ने कहा कि खराब मौसम के चलते व्यवसाय काफी मंदा हो गया है। यदि मौसम का मिजाज आगे भी ऐसा ही रहा, तो इससे आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। बर्तन व्यवसायी राजेश गुप्ता ने कहा कि मौसम ने कमर ही तोड़ दी है। ऐसे मौसम की कतई उम्मीद नहीं थी। अब मौसम में यदि शीघ्र ही बदलाव नहीं हुआ, तो इसका व्यापक प्रभाव व्यवसाय पर पड़ेगा।
विज्ञापन
बुजुर्ग बोले, एक दशक बाद पड़ी ऐसी ठंड
70 वर्षीय मनीराम ने कहा कि बीते एक दशक में इस बार इतनी अधिक ठंड पड़ी है। यह शायद लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर है। वृद्धा शकुंतला ने कहा कि उन्हें नहीं याद है कि इस प्रकार की हाड़कंपाऊ ठंड कब पड़ी थी। बीते कुछ वर्षों से ऐसी ठंड नहीं पड़ी थी। गलन भरी इस ठंड ने काफी परेशान कर रखा है। वृद्ध सीताराम ने कहा कि बीते दस वर्षों में इस प्रकार लगातार घने कोहरे व सर्द हवाओं का प्रकोप नहीं देखा। यह आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस प्रकार के मौसम से लोगों के स्वास्थ्य पर तो प्रभाव पड़ेगा ही, साथ ही फसलों को भी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
दिन-प्रतिदिन बढ़ती ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगभग एक पखवारे से घने कोहरे व सर्द हवाओं के प्रकोप ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कड़ाके की ठंड के चलते विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है, तो व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खराब मौसम के चलते बाजारों में आमतौर पर सन्नाटे का ही माहौल रहता है। मंगलवार को भी घना कोहरा पड़ने के साथ ही सर्द हवाएं चलती रहीं। रविवार शाम से घने कोहरे व सर्द हवा का शुरू हुआ प्रकोप मंगलवार तक अनवरत जारी रहा। कोहरे के चलते पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। हाड़कंपाऊ ठंड से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते रहे, लेकिन सर्द हवाओं ने उनके सभी उपायों को बेकार साबित कर दिया। अकबरपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे। शहरी व नगरीय क्षेत्रों में तो प्रशासन की तरफ से अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को खुद ही अलाव की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
खराब मौसम का व्यवसाय पर पड़ा असर
खराब हुए मौसम ने व्यवसाय पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। लोगों के बाजारों में कम पहुंचने से दुकानदारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। सराफा व्यवसायी अनुज सोनी ने कहा कि खराब मौसम के चलते व्यवसाय काफी मंदा हो गया है। यदि मौसम का मिजाज आगे भी ऐसा ही रहा, तो इससे आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। बर्तन व्यवसायी राजेश गुप्ता ने कहा कि मौसम ने कमर ही तोड़ दी है। ऐसे मौसम की कतई उम्मीद नहीं थी। अब मौसम में यदि शीघ्र ही बदलाव नहीं हुआ, तो इसका व्यापक प्रभाव व्यवसाय पर पड़ेगा।
विज्ञापन
बुजुर्ग बोले, एक दशक बाद पड़ी ऐसी ठंड
70 वर्षीय मनीराम ने कहा कि बीते एक दशक में इस बार इतनी अधिक ठंड पड़ी है। यह शायद लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर है। वृद्धा शकुंतला ने कहा कि उन्हें नहीं याद है कि इस प्रकार की हाड़कंपाऊ ठंड कब पड़ी थी। बीते कुछ वर्षों से ऐसी ठंड नहीं पड़ी थी। गलन भरी इस ठंड ने काफी परेशान कर रखा है। वृद्ध सीताराम ने कहा कि बीते दस वर्षों में इस प्रकार लगातार घने कोहरे व सर्द हवाओं का प्रकोप नहीं देखा। यह आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस प्रकार के मौसम से लोगों के स्वास्थ्य पर तो प्रभाव पड़ेगा ही, साथ ही फसलों को भी नुकसान हो रहा है।