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विकलांगों का अधिकार छीन रहा 'वोटिंग प्रॉसेस'

Mon, 30 Dec 2013 06:24 PM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 30 Dec 2013 06:24 PM IST
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90% handicapped cant't vote in india

देश की चुनाव प्रक्रिया अभी तक विकलांगों के साथ फ्रेंडली नहीं हो सकी है।

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चुनाव प्रक्रिया के अनुकूल नहीं होने का असर उनके वोट देने के अधिकार को ही खत्म कर रहा है।

शारीरिक और मानसिक अक्षमता के साथ जी रहे लोगों के हित के लिए काम कर रही संस्था स्पार्क इंडिया के मुताबिक, केवल 10 फीसदी विकलांग ही अपना वोट डाल पाते हैं।

विकलांगों की समस्याओं को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन स्पार्क इंडिया ने जयशंकर प्रसाद सभागार में सोमवार को किया।

7 करोड़ विकलांग, 70% को वोट का अधिकार
संस्था के निदेशक अमिताभ मेहरोत्रा ने कहा कि 2001 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सात करोड़ और यूपी में 34 लाख विकलांग हैं। इनमें से करीब 70 प्रतिशत वोटर हैं। ऐसे में यह आंकड़ा राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
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इसके बाद भी राजनेताओं का इनकी तरफ ध्यान नहीं जाता।

आज तक संसद नहीं पहुंचा बिल
मसलन, राइट्स बिल फॉर पर्संस विद डिसेबिलिटी, 2012 का कानून कैबिनेट से पास होने के बाद भी आज तक संसद में नहीं पहुंचा। इसे राज्यसभा से पास कराया जाना था। इसके बाद इसके कानून बन पाने का रास्ता पास होता। लेकिन, इसके लिए राजनेताओं ने कोई इंट्रेस्ट नहीं दिखाया।
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मेहरोत्रा के मुताबिक, चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को विक लांगों केलिए फ्रेंडली बनाने के निर्देश तो जारी किए। हालांकि, अब भी उनके बूथ तक पहुंचने या फिर बूथ पर वोट डालने की व्यावहारिक समस्याएं होती हैं।

यहां तक कि ईवीएम मशीन दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेललिपि के साथ मौजूद नहीं है। ऐसे वोटर को किसी की मदद से ही वोट डालने का काम करना पड़ता है।

प्रक्रिया खुद सवालों के घेरे में
ऐसे में उसके दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है। चुनाव आयोग को चाहिए कि विकलांगों के लिए चुनाव प्रक्रिया को फ्रेंडली बनाया जाए। अभी तक केवल बूथ के अंदर ही पीठासीन अधिकारी से मांगने पर सहायता का प्रावधान है। लेकिन, सही वोट पड़ने के लिए यह प्रक्रिया खुद भी सवालों के घेरे में है।


अधिकारों के लिए होगा प्रदर्शन

विकलांगों के अधिकारों के लिए एक प्रदर्शन मंगलवार को रहेगा। इसमें विधानसभा से जीपीओ तक कैंडल मार्च शाम को पांच बजे निकाला जाएगा। इसमें स्पार्क इंडिया का सहयोग यूपी विकलांग मंच कर रहा है। अमिताभ मेहरोत्रा ने बताया कि विकलांगों के हक के लिए एक मैनीफेस्टो हम तैयार कर रहे हैं।

इसे राजनीतिक पार्टियों से अपने मेनीफेस्टो का हिस्सा बनाने के लिए मांग की जाएगी।

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