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शेयर ट्रेड्रिंग के नाम पर व्यापारी से नौ लाख ठगे
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लखनऊ। स्टॉक मार्केट व गोल्ड ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर राजस्थान के जालसाजों ने दिव्यांग व्यापारी से 9.07 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने व्यापारी से छह बार में 12.07 लाख रुपये ऐंठे। दबाव बनाने पर 3 लाख वापस किये इसके बाद बाकी रकम हड़प गये। आरोप है कि उसे धमकी दी गई। पीड़ित ने थाने मे तहरीर दी। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट के आदेश के बाद पारा पुलिस ने तीन जालसाजों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मूल रूप से देवरिया निवासी अविनाश कुमार भारती परिवार के साथ राजाजीपुरम के शीतलापुरम इलाके में रहते हैं। वह चलने फिरने में असमर्थ हैं। घर से ही व्यापार करते हैं। मई 2020 में सोशल साइट के माध्यम से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ रानीखेर निवासी नीलेश वैष्णव, योगेश वैष्णव व दिलीप वैरागी से संपर्क हुआ।
बातचीत में आरोपियों ने बताया कि नीलेश वैष्णव स्टॉक मार्केट व गोल्ड ट्रेडिंग का जानकार है। समझाया कि अगर नीलेश ने 50 हजार रुपये का निवेश कराया तो प्रतिदिन 500 रुपये का लाभ मिलेगा। अविनाश कुमार भारती, उनके मित्र पवन कुमार व मनोज कुमार ने निवेश के लिए हामी भर दी। अविनाश ने अपने खाते से पहली बार 17 अगस्त 2020 को नीलेश के खाते में 29 हजार रुपये जमा कराये। इसके बाद 23 फरवरी के बीच अविनाश ने नीलेश के खाते में 12,07,300 रुपये जमा करा दिया।
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नीलेश ने लाभांश के रूप में 3 लाख रुपये वापस किये। इसके बाद लाभ का रकम देना बंद कर दिया। किया तो आरोपित ने पहले टालमटोल की और फिर मोबाइल बंद कर दिया। पीड़ित अविनाश ने योगेश वैष्णव व दिलीप वैरागी से संपर्क कर नीलेश से बात कराने को कहा तो उन लोगों ने धमकाया। पीड़ित ने पारा थाने में शिकायत की लेकिन सुनवायी नहीं हुई। विकलांग अविनाश ने कोर्ट में अर्जी लगाई। जिस पर कोर्ट ने पारा पुलिस कोे नीलेश वैष्णव, योगेश वैष्णव व दिलीप वैरागी के खिलाफ अमानत में खयानत व जान से मारने की धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक दधिबल तिवारी के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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मूल रूप से देवरिया निवासी अविनाश कुमार भारती परिवार के साथ राजाजीपुरम के शीतलापुरम इलाके में रहते हैं। वह चलने फिरने में असमर्थ हैं। घर से ही व्यापार करते हैं। मई 2020 में सोशल साइट के माध्यम से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ रानीखेर निवासी नीलेश वैष्णव, योगेश वैष्णव व दिलीप वैरागी से संपर्क हुआ।
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बातचीत में आरोपियों ने बताया कि नीलेश वैष्णव स्टॉक मार्केट व गोल्ड ट्रेडिंग का जानकार है। समझाया कि अगर नीलेश ने 50 हजार रुपये का निवेश कराया तो प्रतिदिन 500 रुपये का लाभ मिलेगा। अविनाश कुमार भारती, उनके मित्र पवन कुमार व मनोज कुमार ने निवेश के लिए हामी भर दी। अविनाश ने अपने खाते से पहली बार 17 अगस्त 2020 को नीलेश के खाते में 29 हजार रुपये जमा कराये। इसके बाद 23 फरवरी के बीच अविनाश ने नीलेश के खाते में 12,07,300 रुपये जमा करा दिया।
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नीलेश ने लाभांश के रूप में 3 लाख रुपये वापस किये। इसके बाद लाभ का रकम देना बंद कर दिया। किया तो आरोपित ने पहले टालमटोल की और फिर मोबाइल बंद कर दिया। पीड़ित अविनाश ने योगेश वैष्णव व दिलीप वैरागी से संपर्क कर नीलेश से बात कराने को कहा तो उन लोगों ने धमकाया। पीड़ित ने पारा थाने में शिकायत की लेकिन सुनवायी नहीं हुई। विकलांग अविनाश ने कोर्ट में अर्जी लगाई। जिस पर कोर्ट ने पारा पुलिस कोे नीलेश वैष्णव, योगेश वैष्णव व दिलीप वैरागी के खिलाफ अमानत में खयानत व जान से मारने की धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक दधिबल तिवारी के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।