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बिजली से जगमग होंगे 6500 मजरे
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:49 PM IST
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गोंडा। जिले में पांच लाख से ज्यादा बिजली के नए कनेक्शन दिए जाने के लिए जल्द ही पावर कॉरपोरेशन प्रधानमंत्री की सौभाग्य (हर घर बिजली) योजना में बिजली से अछूते मजरों का विद्युतीकरण भी कराएगा। जिसकी टेंडर प्रक्रिया मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में आखिरी दौर में है। मुख्य अभियंता आरके श्रीवास्तव की मानें तो जिले में लगभग साढ़े छह हजार मजरे ऐसे हैं, जो किसी भी योजना में चयनित नहीं है। जिनका विद्युतीकरण सौभाग्य योजना में करके उनमें करीब पांच लाख परिवारों को बिजली का कनेक्शन देना है।
बता दें कि मौजूदा समय जिले में विद्युतीकरण को लेकर तीन अलग-अलग योजनाएं पहले से चल रही है। जिसमें एक योजना (भारत सरकार के 11वें प्लान) की है। जिसमें 300 आबादी से ऊपर के 1836 मजरों का विद्युतीकरण हो रहा है। तो वहीं दूसरी योजना (भारत सरकार के 12वें प्लान) की है। जिसमें 100 आबादी से ऊपर के 2200 के करीब मजरों में विद्युतीकरण का काम हो रहा है। जबकि डीडीयूजी में पेस पावर 600 के करीब मजरों के विद्युतीकरण का काम कर रही है।
वहीं इन सबसे हटकर जिले में अभी भी करीब साढ़े छह हजार मजरे ऐसे हैं, जिनका विद्युतीकरण ही अब तक किसी योजना में नहीं हो पाया है। ऐसे 6500 मजरों के विद्युतीकरण का काम भारत सरकार की प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) में किया जाएगा। ताकि सरकार से मिले पांच लाख बिजली कनेक्शन के लक्ष्य की पूर्ति हो सके। जिसके लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से टेंडर की प्रक्रिया आखिरी दौर में है। जैसे ही टेंडर फाइनल होता है। काम पाई एजेंसी जिले में आकर अपना काम शुरू कर देगी। जिसके बाद जैसे-जैसे इन मजरों का विद्युतीकरण होता जाएगा। गांव के लोगों को बिजली के कनेक्शन मिलने भी शुरू हो जाएंगे।
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सौभाग्य योजना में 70 हजार को मिला कनेक्शन
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) में अब तक पावर कारॅपोरेशन गांव-गांव कैंप लगाकर करीब 70 हजार नए उपभोक्ता बना चुका है। जबकि योजना के तहत जिले में उसे पांच लाख से ऊपर बिजली के नए कनेक्शन निर्गत करना है। इसके लिए गैर विद्युतीकृत गांवों का इलेक्ट्रिीफिकेशन होना बहुत जरूरी है। क्योंकि बिना इनके विद्युतीकृत हुए, बिजली कनेक्शनों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभव नहीं है। यही वजह है कि घर-घर बिजली कनेक्शन दिए जाने की इस योजना में गांव व मजरों के विद्युतीकरण की रूपरेखा भी सरकार ने पहले से तय कर रखी है।
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बता दें कि मौजूदा समय जिले में विद्युतीकरण को लेकर तीन अलग-अलग योजनाएं पहले से चल रही है। जिसमें एक योजना (भारत सरकार के 11वें प्लान) की है। जिसमें 300 आबादी से ऊपर के 1836 मजरों का विद्युतीकरण हो रहा है। तो वहीं दूसरी योजना (भारत सरकार के 12वें प्लान) की है। जिसमें 100 आबादी से ऊपर के 2200 के करीब मजरों में विद्युतीकरण का काम हो रहा है। जबकि डीडीयूजी में पेस पावर 600 के करीब मजरों के विद्युतीकरण का काम कर रही है।
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वहीं इन सबसे हटकर जिले में अभी भी करीब साढ़े छह हजार मजरे ऐसे हैं, जिनका विद्युतीकरण ही अब तक किसी योजना में नहीं हो पाया है। ऐसे 6500 मजरों के विद्युतीकरण का काम भारत सरकार की प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) में किया जाएगा। ताकि सरकार से मिले पांच लाख बिजली कनेक्शन के लक्ष्य की पूर्ति हो सके। जिसके लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से टेंडर की प्रक्रिया आखिरी दौर में है। जैसे ही टेंडर फाइनल होता है। काम पाई एजेंसी जिले में आकर अपना काम शुरू कर देगी। जिसके बाद जैसे-जैसे इन मजरों का विद्युतीकरण होता जाएगा। गांव के लोगों को बिजली के कनेक्शन मिलने भी शुरू हो जाएंगे।
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सौभाग्य योजना में 70 हजार को मिला कनेक्शन
प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) में अब तक पावर कारॅपोरेशन गांव-गांव कैंप लगाकर करीब 70 हजार नए उपभोक्ता बना चुका है। जबकि योजना के तहत जिले में उसे पांच लाख से ऊपर बिजली के नए कनेक्शन निर्गत करना है। इसके लिए गैर विद्युतीकृत गांवों का इलेक्ट्रिीफिकेशन होना बहुत जरूरी है। क्योंकि बिना इनके विद्युतीकृत हुए, बिजली कनेक्शनों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभव नहीं है। यही वजह है कि घर-घर बिजली कनेक्शन दिए जाने की इस योजना में गांव व मजरों के विद्युतीकरण की रूपरेखा भी सरकार ने पहले से तय कर रखी है।