{"_id":"5b1d6ef24f1c1bac6e8b726f","slug":"71528655602-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए की चहलकदमी से दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए की चहलकदमी से दहशत
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरैंया (सीतापुर)। सदरपुर थाना क्षेत्र में बीते छह माह से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ अभी तक काबू में नहीं लाया जा सका है। वह वन विभाग को खूब छका रहा है। जहां वन विभाग को यह तेंदुआ नजर नहीं आ रहा है। वहीं क्षेत्र के नागरिकों से उसका सामना आए दिन हो रहा है। सांझ ढलते ही तेंदुआ नहर पटरी पर चहलकदमी करने लगता है, जिससे लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि सांझ ढलते ही क्षेत्र के मार्गों पर सन्नाटा पसर जाता है।
सदरपुर क्षेत्र में तेंदुआ की मौजूदगी की पुष्टि उस वक्त की गई थी। जब 23 जनवरी की रात संसारपुर मोड़ के निकट नहर पटरी पर तेंदुआ सदरपुर थानाध्यक्ष सूर्यबली पांडेय की जीप के सामने आ गया था। थानाध्यक्ष द्वारा इस बात की पुष्टि किए जाने के बावजूद की, उन्होंने तेंदुआ देखा था। वन विभाग मानने को तैयार नहीं था। हालांकि उसके बाद कहीं रास्ते में कहीं खेत में तो कहीं नहर में तेंदुआ देखा जाता रहा, लेकिन हर बार वन विभाग यही कहता रहा कि वन विभाग को तेंदुआ नजर नहीं आया। हालांकि जब हो हल्ला अधिक मचा, तब वन विभाग ने लक्ष्मनपुर व बेनी माधवपुर के बीच तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था। तेंदुआ भी चालाक निकला। शुक्रवार की रात वह पिंजड़े में मौजूद बकरे को खाकर चलता बना। इस घटना ने वन विभाग के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी, कि इतने चालाक जानवर को आखिर वन विभाग कैसे काबू में लाए। हालांकि उसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने रविवार को फिर से बकरा खरीदा और उसे पिंजड़े में बांधा है। इस बार वनकर्मी पिंजड़े पर नजर रख रहे हैं। वन विभाग की फजीहत न होने पाए, इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है। प्रभारी रेंजर अनूप बाजपेयी ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही तेंदुआ को काबू में लाया जाएगा।
विज्ञापन
सदरपुर क्षेत्र में तेंदुआ की मौजूदगी की पुष्टि उस वक्त की गई थी। जब 23 जनवरी की रात संसारपुर मोड़ के निकट नहर पटरी पर तेंदुआ सदरपुर थानाध्यक्ष सूर्यबली पांडेय की जीप के सामने आ गया था। थानाध्यक्ष द्वारा इस बात की पुष्टि किए जाने के बावजूद की, उन्होंने तेंदुआ देखा था। वन विभाग मानने को तैयार नहीं था। हालांकि उसके बाद कहीं रास्ते में कहीं खेत में तो कहीं नहर में तेंदुआ देखा जाता रहा, लेकिन हर बार वन विभाग यही कहता रहा कि वन विभाग को तेंदुआ नजर नहीं आया। हालांकि जब हो हल्ला अधिक मचा, तब वन विभाग ने लक्ष्मनपुर व बेनी माधवपुर के बीच तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था। तेंदुआ भी चालाक निकला। शुक्रवार की रात वह पिंजड़े में मौजूद बकरे को खाकर चलता बना। इस घटना ने वन विभाग के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी, कि इतने चालाक जानवर को आखिर वन विभाग कैसे काबू में लाए। हालांकि उसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने रविवार को फिर से बकरा खरीदा और उसे पिंजड़े में बांधा है। इस बार वनकर्मी पिंजड़े पर नजर रख रहे हैं। वन विभाग की फजीहत न होने पाए, इसको लेकर सतर्कता बरती जा रही है। प्रभारी रेंजर अनूप बाजपेयी ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही तेंदुआ को काबू में लाया जाएगा।
विज्ञापन