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खाकी के रडार पर चार गांवों के आठ संदिग्ध
Updated Thu, 17 May 2018 11:32 PM IST
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रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार के स्टोर से लाखों रुपये का कॉपर गायब होने के मामले की जांच में हर दिन चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। कॉपर निर्मित करोड़ों रुपये की स्टाटर बाइंडिंंग बार गायब होने के मामले में खाकी के रडार पर चार गांवों के आठ लोग हैं। पुलिस सूत्रोें की मानें तो रडार पर लिए गए लोग गाड़ी चलाते हैं। साथ ही अपनी गाड़ियां एनटीपीसी में लगाते थे। पुलिस को शक है कि इन्हीं गाड़ियों के जरिए स्टाटर बाइंडिंंग बार को ठिकाने पर लगाया गया। जांच में तो यह भी बात आ रही है कि गायब किए गए स्टाटर बाइंडिंंग बार उन्नाव ले जाकर बेचे गए हैं, लेकिन पुलिस इस पर कुछ अभी तक बोल नहीं रही है। पुलिस की जांच चल रही है। गुरुवार को फॉरेंसिक टीम ने भी एनटीपीसी पहुंचकर मौके की जांच करने के साथ फिंगर प्रिंट लिए। पुलिस का दावा है कि जल्द इस मामले का पर्दाफाश होगा।
एनटीपीसी ऊंचाहार स्थित सेंट्रल स्टोर से मंगलवार को लाखों रुपयों का कॉपर गायब होने की बात सामने आई थी। स्टोर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक एलडी सिंह ने बुधवार को थाने में कॉपर निर्मित 22 स्टाटर बाइंडिंंग बार के गबन किए जाने की एफआईआर थाने में लिखाई थी। तहरीर के मुताबिक एक स्टाटर बाइंडिंंग की कीमत आठ लाख 45 हजार रुपये है। इस तरह एक करोड़ 85 लाख 90 हजार कीमत की स्टाटर बाइंडिंंग गायब होने की बात कही थी। मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस घटना की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच में सीआईएसएफ के जवानों के अलावा एनटीपीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध होने की क्लू मिले हैं। गुरुवार को पुलिस की ओर से की गई जांच में कई और अहम बातें सामने आईं। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के बिकई, रिसाल का पुरवा, बहेरवा, खुर्रमपुर गांव के करीब आठ लोग भी रडार पर हैं। यानि इन लोगों के घटना में शामिल होने के क्लू पुलिस को मिले हैं। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि ये आठ संदिग्ध लोग वाहन चलाते हैं। साथ ही एनटीपीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से एनटीपीसी के अंदर माल ढोलने में गाड़ी लगवाते हैं। पुलिस को शक है कि इन्हीं गाड़ियों में कापर निर्मित स्टाटर बाइंडिंंग बार को लादकर उन्नाव के शुक्लागंज भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम प्रभारी डॉ. प्रतिभा तिवारी की अगुवाई में एनटीपीसी पहुंचकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की और फिंगर प्रिंट लिए।
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एसपी शिवहरि मीणा ने कहा कि एनटीपीसी ऊंचाहार के सेंट्रल स्टोर से कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिंंग बार गबन किए जाने की मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में कई अहम जानकारियां भी मिली हैं, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। जल्द इस मामले का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
1998 से स्टोर में रखी गई थी स्टाटर बाइंडिंंग बार
पुलिस अफसरों की मानें तो एनटीपीसी ऊंचाहार स्थित सेंट्रल स्टोर में 1998 से कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिंंग बार यहां आई थी। इसके बाद से ही सीआईएसएफ की सुरक्षा के पहरे में इन बाइंडिंंग बार को रखा गया था। अफसर बताते हैं कि एनटीपीसी की स्थापना के समय में ही इन्हें मंगाया गया था। इनका बहुत अहम रोल होता है। समय-समय पर स्टाटर बाइंडिंंग बार की जरूरत पड़ती है। स्टोर में उपलब्ध न हो तो इसे मंगवाने में कई महीने का समय लग जाता है। इनका गायब होना अहम बात है।
सीओ डलमऊ मामले की कर रहे जांच
एनटीपीसी के सेंट्रल स्टोर से गायब हुई स्टाटर बाइंडिंंग बार के मामले की जांच सीओ डलमऊ विनीत सिंह कर रहे हैं। सीओ का कहना है कि एनटीपीसी से कॉपर निर्मित स्टाटर वाइडिंग बार गायब होने का बहुत गंभीर है। गहनता से छानबीन की जा रही है। फॉरेसिंक टीम को भेजकर भी मामले की जांच करा दी गई है।
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एनटीपीसी ऊंचाहार स्थित सेंट्रल स्टोर से मंगलवार को लाखों रुपयों का कॉपर गायब होने की बात सामने आई थी। स्टोर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक एलडी सिंह ने बुधवार को थाने में कॉपर निर्मित 22 स्टाटर बाइंडिंंग बार के गबन किए जाने की एफआईआर थाने में लिखाई थी। तहरीर के मुताबिक एक स्टाटर बाइंडिंंग की कीमत आठ लाख 45 हजार रुपये है। इस तरह एक करोड़ 85 लाख 90 हजार कीमत की स्टाटर बाइंडिंंग गायब होने की बात कही थी। मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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पुलिस की जांच में सीआईएसएफ के जवानों के अलावा एनटीपीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध होने की क्लू मिले हैं। गुरुवार को पुलिस की ओर से की गई जांच में कई और अहम बातें सामने आईं। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के बिकई, रिसाल का पुरवा, बहेरवा, खुर्रमपुर गांव के करीब आठ लोग भी रडार पर हैं। यानि इन लोगों के घटना में शामिल होने के क्लू पुलिस को मिले हैं। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि ये आठ संदिग्ध लोग वाहन चलाते हैं। साथ ही एनटीपीसी के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से एनटीपीसी के अंदर माल ढोलने में गाड़ी लगवाते हैं। पुलिस को शक है कि इन्हीं गाड़ियों में कापर निर्मित स्टाटर बाइंडिंंग बार को लादकर उन्नाव के शुक्लागंज भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम प्रभारी डॉ. प्रतिभा तिवारी की अगुवाई में एनटीपीसी पहुंचकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की और फिंगर प्रिंट लिए।
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एसपी शिवहरि मीणा ने कहा कि एनटीपीसी ऊंचाहार के सेंट्रल स्टोर से कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिंंग बार गबन किए जाने की मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में कई अहम जानकारियां भी मिली हैं, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। जल्द इस मामले का खुलासा करके आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
1998 से स्टोर में रखी गई थी स्टाटर बाइंडिंंग बार
पुलिस अफसरों की मानें तो एनटीपीसी ऊंचाहार स्थित सेंट्रल स्टोर में 1998 से कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिंंग बार यहां आई थी। इसके बाद से ही सीआईएसएफ की सुरक्षा के पहरे में इन बाइंडिंंग बार को रखा गया था। अफसर बताते हैं कि एनटीपीसी की स्थापना के समय में ही इन्हें मंगाया गया था। इनका बहुत अहम रोल होता है। समय-समय पर स्टाटर बाइंडिंंग बार की जरूरत पड़ती है। स्टोर में उपलब्ध न हो तो इसे मंगवाने में कई महीने का समय लग जाता है। इनका गायब होना अहम बात है।
सीओ डलमऊ मामले की कर रहे जांच
एनटीपीसी के सेंट्रल स्टोर से गायब हुई स्टाटर बाइंडिंंग बार के मामले की जांच सीओ डलमऊ विनीत सिंह कर रहे हैं। सीओ का कहना है कि एनटीपीसी से कॉपर निर्मित स्टाटर वाइडिंग बार गायब होने का बहुत गंभीर है। गहनता से छानबीन की जा रही है। फॉरेसिंक टीम को भेजकर भी मामले की जांच करा दी गई है।