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जिले के 2361 स्कूलों में लगेंगे शिक्षा संबंधी पोस्टर
Updated Thu, 03 May 2018 11:16 PM IST
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बलरामपुर। जिले में शैक्षिक माहौल सुधारने के लिए भारत सरकार की तरफ से जागरूकता फैलाने की कवायद शुरु हो गई है। जिले के सभी 2361 सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में शिक्षा संबंधी पोस्टर लगवाए जाएंगे। स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले ढाई लाख विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है। पोस्टरों में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान सहित सभी विषयों की सामान्य जानकारी उकेरी गई है। स्कूलों में पोस्टर लगवाने के लिए अफसरों व शिक्षकों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत शुरु कार्यक्रम
भारत सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में शैक्षिक माहौल सुधारने के लिए पोस्टर केेेे माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाने की निर्णय लिया है। भारत सरकार ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद को पोस्टर के माध्यम से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। परिषद की तरफ से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को पोस्टर उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षा सत्र 2018-19 में जिले के 1575 प्राथमिक, 646 उच्च प्राथमिक, 11 केजीबीवी, 22 राजकीय, 19 वित्तपोषित व 88 वित्तविहीन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के कमरों में पोस्टर लगवाए जाएंगे। नीति आयोग के प्रयास से बेसिक शिक्षा विभाग के 2.18 लाख और माध्यमिक के 32 हजार विद्यार्थियों के शैक्षिक माहौल में सुधार होगा।
सामान्य ज्ञान से लैस हैं सभी पोस्टर
-जिले के स्कूली कक्षाओं में लगने वाले सभी पोस्टर सामान्य ज्ञान से लैस हैं। हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भूगोल, इतिहास एवं नागरिक शास्त्र जैसे विषयों के बारे में पोस्टर पर दर्शाया गया है। सभी शिक्षकों को प्रतिदिन पोस्टर पर उकेरे सामान्य ज्ञान को विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा। कक्षावार सभी पोस्टरों पर शिक्षा संबंधी ज्ञानवर्धक आकृतियों उकेरी गई हैं।
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अभिभावकों को मुफ्त बांटी जाएंगी ज्ञानवर्धक किताब
स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के सभी अभिभावकों को मुफ्त में ज्ञानबर्धक किताब बांटी जाएगी। कक्षा एक से आठ तक विद्यार्थियों के हर माह विषयवार संबंधी परिणाम पर अभिभावक आंकलन करके सही व क्रास का निशान लगाएंगे और स्कूल में शिक्षक के साथ चर्चा करेंगे। किताब में उल्लेख किया गया है कि प्रतिदिन अभिभावक अपने बच्चें को साफ-सफाई से रहने की आदत डालेंगे। रोज नहाना, बाल एवं नाखून काटना, समय से सोना-जागना, साबुन से हाथ धुलने, रोज समय से विद्यालय भेजना, यूनीफार्म स्वच्छ रखना, बस्ते में कापी, किताब व पेंसल आदि का होना, बच्चे के विद्यालय आने व जाने में सुरक्षा का ध्यान रखना, पढ़ाई के बारे में जानकारी करना, गलती होने पर बच्चे को प्यार से समझाना व स्कूल की बैठकों शामिल होने के किताब में बताया गया है।
शिक्षा केे गुणवत्ता में होगा सुधार
स्कूलों में पोस्टर लगवाने व अभिभावकों को किताबें वितरित करने से शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार होगा। भारत सरकार की पहल को आगे बढ़ाने के लिए डीआईओएस व बीएसए रमेश यादव के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की गई है। डीएम कृष्णा करुणेश व सीडीओ कृत्तिका ज्योत्सना के दिशा-निर्देशन में जिले के सभी स्कूलों में पोस्टर लगवाने एवं अभिभावकों को मुफ्त ज्ञानवर्धक किताब वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले के सभी 10 बीईओ, एबीआरसी, एनपीआरसी व शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- हृदय नारायण त्रिपाठी, डायट प्राचार्य
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत शुरु कार्यक्रम
भारत सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में शैक्षिक माहौल सुधारने के लिए पोस्टर केेेे माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाने की निर्णय लिया है। भारत सरकार ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद को पोस्टर के माध्यम से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जिम्मेदारी सौंपी है। परिषद की तरफ से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को पोस्टर उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षा सत्र 2018-19 में जिले के 1575 प्राथमिक, 646 उच्च प्राथमिक, 11 केजीबीवी, 22 राजकीय, 19 वित्तपोषित व 88 वित्तविहीन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के कमरों में पोस्टर लगवाए जाएंगे। नीति आयोग के प्रयास से बेसिक शिक्षा विभाग के 2.18 लाख और माध्यमिक के 32 हजार विद्यार्थियों के शैक्षिक माहौल में सुधार होगा।
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सामान्य ज्ञान से लैस हैं सभी पोस्टर
-जिले के स्कूली कक्षाओं में लगने वाले सभी पोस्टर सामान्य ज्ञान से लैस हैं। हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, भूगोल, इतिहास एवं नागरिक शास्त्र जैसे विषयों के बारे में पोस्टर पर दर्शाया गया है। सभी शिक्षकों को प्रतिदिन पोस्टर पर उकेरे सामान्य ज्ञान को विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा। कक्षावार सभी पोस्टरों पर शिक्षा संबंधी ज्ञानवर्धक आकृतियों उकेरी गई हैं।
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अभिभावकों को मुफ्त बांटी जाएंगी ज्ञानवर्धक किताब
स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के सभी अभिभावकों को मुफ्त में ज्ञानबर्धक किताब बांटी जाएगी। कक्षा एक से आठ तक विद्यार्थियों के हर माह विषयवार संबंधी परिणाम पर अभिभावक आंकलन करके सही व क्रास का निशान लगाएंगे और स्कूल में शिक्षक के साथ चर्चा करेंगे। किताब में उल्लेख किया गया है कि प्रतिदिन अभिभावक अपने बच्चें को साफ-सफाई से रहने की आदत डालेंगे। रोज नहाना, बाल एवं नाखून काटना, समय से सोना-जागना, साबुन से हाथ धुलने, रोज समय से विद्यालय भेजना, यूनीफार्म स्वच्छ रखना, बस्ते में कापी, किताब व पेंसल आदि का होना, बच्चे के विद्यालय आने व जाने में सुरक्षा का ध्यान रखना, पढ़ाई के बारे में जानकारी करना, गलती होने पर बच्चे को प्यार से समझाना व स्कूल की बैठकों शामिल होने के किताब में बताया गया है।
शिक्षा केे गुणवत्ता में होगा सुधार
स्कूलों में पोस्टर लगवाने व अभिभावकों को किताबें वितरित करने से शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार होगा। भारत सरकार की पहल को आगे बढ़ाने के लिए डीआईओएस व बीएसए रमेश यादव के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की गई है। डीएम कृष्णा करुणेश व सीडीओ कृत्तिका ज्योत्सना के दिशा-निर्देशन में जिले के सभी स्कूलों में पोस्टर लगवाने एवं अभिभावकों को मुफ्त ज्ञानवर्धक किताब वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले के सभी 10 बीईओ, एबीआरसी, एनपीआरसी व शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- हृदय नारायण त्रिपाठी, डायट प्राचार्य