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बैंकों की 65 शाखाओं में अब भी कैश संकट
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:16 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित अलग-अलग बैंकों की 173 शाखाओं के सापेक्ष करीब 65 शहरी व ग्रामीण बैंक शाखाओं में कैश का संकट गहरा गया है। कैश की कमी के चलते शहरी व ज्यादातर ग्रामीण बैंक शाखाओं में छोटी रकम तो आसानी से निकल रही है, लेकिन बड़ी रकम नहीं निकल पा रही है। कुछ ग्रामीण बैंक शाखाओं में तो छोटी रकम भी निकलना मुश्किल हो रही है। कैश संकट का मुख्य कारण लखनऊ से जिले को कैश न उपलब्ध होना बताया जा रहा है। इसके चलते मंगलवार को कैश का संकट बढ़ गया। इससे उपभोक्ताओं को बड़ी रकम निकासी के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक समस्या उन्हें हो रही है, जिनके घर में आगामी दिनों में वैवाहिक आयोजन होने हैं।
जिले में कैश का संकट करीब एक पखवारे से चल रहा है। शुरुआत में इसका प्रतिकूल प्रभाव एटीएम सेवा पर पड़ा था। लगभग एक सप्ताह पूर्व कैश मिलने से एटीएम सेवा में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन बाद में एक बार फिर से कैश की कमी हो गई। बताया जाता है कि लखनऊ से ही एसबीआई को छोड़कर अन्य बैंक शाखाओं को कैश नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। जिले में एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, एक्सिस बैंक समेत विभिन्न बैंकों की कुल 173 शाखाएं जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
इस बीच शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न बैंकों की लगभग 65 शाखाएं ऐसी हैं, जहां कैश की कमी के चलते उपभोक्ताओं को धननिकासी में मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा, इंडियन बैंक मुख्य शाखा, पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा, इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा, यूनियन बैंक मुख्य शाखा के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में मंगलवार को कैश संकट के चलते बड़ी रकम उपभोक्ता नहीं निकाल सके। शहरी क्षेत्र की शाखाओं में छोटी रकम की निकासी तो हो रही है, लेकिन 20 हजार से ऊपर की धननिकासी नहीं हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में तो 10 से 15 हजार रुपये भी नहीं निकल पा रहे हैं। आलम यह है कि बड़ी राशि निकालने वाले उपभोक्ताओं को बैंक द्वारा टोकन दिया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा कि जैसे ही धनराशि आएगी, उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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उपभोक्ता बोले, नहीं मिल पा रहे रुपये
बसौढ़ी के अमित कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें एक लाख 60 हजार रुपये की जरूरत थी। बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा अकबरपुर से उसने 60 हजार रुपये बिहार आरटीजीएस किया। शेष एक लाख रुपये कैश न होने के चलते नहीं मिल सका। उसे इसके लिए दो दिन से दौड़ाया जा रहा है। अकबरपुर के शशांक ने कहा कि वह 50 हजार रुपये मंगलवार को इलाहाबाद अकबरपुर शाखा से निकालने गए, तो कैश की कमी का हवाला देते हुए कहा गया कि जब धनराशि एआएगी, तो उसे दी जाएगी। बनगांव के रामफूल ने कहा कि उसे 70 हजार रुपये की जरूरत थी। वह मंगलवार को अकबरपुर स्थित एसबीआई एसबीआई कृषि बैंक शाखा से धननिकासी के लिए गया। कैश न होने का हवाला देते हुए उसे बुधवार को बुलाया गया है। हीतेपुर निवासी रामनयन ने कहा कि उसका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर शाखा में हैं। मंगलवार को वह डेढ़ लाख रुपये निकालने गया। काफी मशक्कत के बाद उसे 25 हजार रुपये दिए गए। शेष राशि के लिए बुधवार को बुलाया गया है। दौलतपुर निवासी दिलीप कुमार ने कहा कि उसे एक लाख रुपये की जरूरत थी। बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर शाखा से रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंचा, तो यहां कैश की कमी होने की बात कहते हुए बुधवार को बुलाया गया है। इसी प्रकार कई अन्य उपभोक्ता भी धननिकासी के लिए परेशान होते दिखे।
एटीएम सेवा भी हुई बेपटरी
कैश की कमी के चलते बैंकों में संकट के साथ ही मंगलवार को एटीएम सेवा भी बेपटरी हो गई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय पर ही विभिन्न बैंकों के 25 के सापेक्ष 15 एटीएम के शटर नहीं खुल सके। फैजाबाद रोड स्थित एसबीआई, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी के एटीएम के शटर कैश की कमी के चलते नहीं खुल सके। नतीजा यह रहा कि धननिकासी के उपभोक्ताओं को एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना था कि एटीएम सेवा को पटरी पर लाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाया जाना चाहिए।
चेस्ट से धनराशि न मिलने से हो रही समस्या
लखनऊ से चेस्ट द्वारा कैश जिले को उपलब्ध होता है। कैश न मिलने के चलते ही बैंकों में कुछ समस्या हो रही है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में कैश का संकट दूर हो जाएगा।
- अरुण कुमार सिंह, एलडीएम
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जिले में कैश का संकट करीब एक पखवारे से चल रहा है। शुरुआत में इसका प्रतिकूल प्रभाव एटीएम सेवा पर पड़ा था। लगभग एक सप्ताह पूर्व कैश मिलने से एटीएम सेवा में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन बाद में एक बार फिर से कैश की कमी हो गई। बताया जाता है कि लखनऊ से ही एसबीआई को छोड़कर अन्य बैंक शाखाओं को कैश नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। जिले में एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, एक्सिस बैंक समेत विभिन्न बैंकों की कुल 173 शाखाएं जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
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इस बीच शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न बैंकों की लगभग 65 शाखाएं ऐसी हैं, जहां कैश की कमी के चलते उपभोक्ताओं को धननिकासी में मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा, इंडियन बैंक मुख्य शाखा, पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा, इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा, यूनियन बैंक मुख्य शाखा के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में मंगलवार को कैश संकट के चलते बड़ी रकम उपभोक्ता नहीं निकाल सके। शहरी क्षेत्र की शाखाओं में छोटी रकम की निकासी तो हो रही है, लेकिन 20 हजार से ऊपर की धननिकासी नहीं हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में तो 10 से 15 हजार रुपये भी नहीं निकल पा रहे हैं। आलम यह है कि बड़ी राशि निकालने वाले उपभोक्ताओं को बैंक द्वारा टोकन दिया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा कि जैसे ही धनराशि आएगी, उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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उपभोक्ता बोले, नहीं मिल पा रहे रुपये
बसौढ़ी के अमित कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें एक लाख 60 हजार रुपये की जरूरत थी। बैंक ऑफ बड़ौदा मुख्य शाखा अकबरपुर से उसने 60 हजार रुपये बिहार आरटीजीएस किया। शेष एक लाख रुपये कैश न होने के चलते नहीं मिल सका। उसे इसके लिए दो दिन से दौड़ाया जा रहा है। अकबरपुर के शशांक ने कहा कि वह 50 हजार रुपये मंगलवार को इलाहाबाद अकबरपुर शाखा से निकालने गए, तो कैश की कमी का हवाला देते हुए कहा गया कि जब धनराशि एआएगी, तो उसे दी जाएगी। बनगांव के रामफूल ने कहा कि उसे 70 हजार रुपये की जरूरत थी। वह मंगलवार को अकबरपुर स्थित एसबीआई एसबीआई कृषि बैंक शाखा से धननिकासी के लिए गया। कैश न होने का हवाला देते हुए उसे बुधवार को बुलाया गया है। हीतेपुर निवासी रामनयन ने कहा कि उसका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर शाखा में हैं। मंगलवार को वह डेढ़ लाख रुपये निकालने गया। काफी मशक्कत के बाद उसे 25 हजार रुपये दिए गए। शेष राशि के लिए बुधवार को बुलाया गया है। दौलतपुर निवासी दिलीप कुमार ने कहा कि उसे एक लाख रुपये की जरूरत थी। बैंक ऑफ बड़ौदा अकबरपुर शाखा से रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंचा, तो यहां कैश की कमी होने की बात कहते हुए बुधवार को बुलाया गया है। इसी प्रकार कई अन्य उपभोक्ता भी धननिकासी के लिए परेशान होते दिखे।
एटीएम सेवा भी हुई बेपटरी
कैश की कमी के चलते बैंकों में संकट के साथ ही मंगलवार को एटीएम सेवा भी बेपटरी हो गई। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय पर ही विभिन्न बैंकों के 25 के सापेक्ष 15 एटीएम के शटर नहीं खुल सके। फैजाबाद रोड स्थित एसबीआई, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी के एटीएम के शटर कैश की कमी के चलते नहीं खुल सके। नतीजा यह रहा कि धननिकासी के उपभोक्ताओं को एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना था कि एटीएम सेवा को पटरी पर लाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाया जाना चाहिए।
चेस्ट से धनराशि न मिलने से हो रही समस्या
लखनऊ से चेस्ट द्वारा कैश जिले को उपलब्ध होता है। कैश न मिलने के चलते ही बैंकों में कुछ समस्या हो रही है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में कैश का संकट दूर हो जाएगा।
- अरुण कुमार सिंह, एलडीएम