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सगरा के साथ-साथ राधाकुंड का भी होगा सुंदरीकरण
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:04 PM IST
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गोंडा। जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने में जुटी गोंडा नगर पालिका सगरा तालाब के साथ-साथ शहर के एक और ऐसे पौराणिक तालाब राधाकुंड के विकास की योजना लेकर आई है, जिसके विकास की शुरूआत 18 साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत सहगल व उसके बाद तत्कालीन डीएम रामबहादुर के दौर में हुई थी। जिसका नतीजा है कि वर्षों से वीरान पड़े डेढ़ एकड़ के राधाकुंड तालाब की प्रासंगिकता आज भी लोगों के जेहन से भुलाए नहीं भूलती। हाल ही में नगर पालिका ने सगरा तालाब के साथ-साथ 268 साल पुराने राधाकुंड तालाब को भी विकसित किए जाने की योजना तैयार की है, जिसकी अंतिम रूपरेखा पर विचार 15 दिन बाद होने वाले राजस्थान व दिल्ली से आने वाले वास्तुकारों के दौरे के बाद किया जाएगा। लेकिन फिलहाल के लिए इस तालाब में गंदे पानी की निकासी न हो, इसके लिए चेयरमैन नगर पालिका उज्मा राशिद ने मोहल्लेवासियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। जबकि आज के बाद से इस तालाब में किसी तरह के कोई सार्वजनिक कार्यक्रम (शादी-ब्याह) इत्यादि भी नहीं होंगे।
आजादी के महानायक के पुरखों की विरासत संजोने में जुटी पालिका
स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक राजा देबीबख्श सिंह के पुरखों (परबाबा शिवप्रसाद व उनकी पत्नी राजमाता) की ओर से गोंडा को मिनी वृंदावन बनाए जाने के लिए जिन आधारभूत संरचनाओं का विकास आज से 300 साल पहले किया गया था। मौजूदा दौर में उन्हें संजोने की जो पहल नगर पालिका व क्षेत्रीय विधायक ने की है, उसमें कोई कोर कसर न रहे। इसे लेकर हर वर्ग अपनी तरफ से हरसंभव सहयोग किए जाने के लिए लालायित है।
राजा देबीबख्श सिंह गोंडा की शान थे, हैं और रहेंगे। उनकी एक-एक विरासत को संजोने के लिए उनसे जो कुछ भी बन सकेगा, वह करेंगे और शासन, प्रशासन से मिलकर करवाएंगे भी। आज की पीढ़ी गोंडा गौरव की शान के बारे में जानना चाहती है। गोंडा शहर कई तरह के अजीबोगरीब रहस्यों से भरा है। जिसके बारे में हम तभी जान सकते हैं, जब उसकी गहराई तक जाएं। 15 दिन बाद आर्किटिक्टों की टीम राजस्थान व दिल्ली से आ रही है। जिसके साथ मिल बैठकर राधाकुंड तालाब के सुंदरीकरण का पूरा खाका तैयार किया जाएगा। उसमें कितने रुपये का खर्च आएगा। यह बात तभी पता चल पाएगी।
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-प्रतीक भूषण सिंह, सदर विधायक गोंडा
राधाकुंड तालाब में अब से कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा। तालाब के चारो ओर रेलिंग व हाईमास्ट लाइट लगाए जाने की योजना उन्होंने मंजूर की है। जबकि आगे इस तालाब के होने वाले कार्यों की रूपरेखा टीम के दौरे के बाद तय होगी।
-उज्मा राशिद, चेयरमैन गोंडा नगर पालिका
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आजादी के महानायक के पुरखों की विरासत संजोने में जुटी पालिका
स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक राजा देबीबख्श सिंह के पुरखों (परबाबा शिवप्रसाद व उनकी पत्नी राजमाता) की ओर से गोंडा को मिनी वृंदावन बनाए जाने के लिए जिन आधारभूत संरचनाओं का विकास आज से 300 साल पहले किया गया था। मौजूदा दौर में उन्हें संजोने की जो पहल नगर पालिका व क्षेत्रीय विधायक ने की है, उसमें कोई कोर कसर न रहे। इसे लेकर हर वर्ग अपनी तरफ से हरसंभव सहयोग किए जाने के लिए लालायित है।
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राजा देबीबख्श सिंह गोंडा की शान थे, हैं और रहेंगे। उनकी एक-एक विरासत को संजोने के लिए उनसे जो कुछ भी बन सकेगा, वह करेंगे और शासन, प्रशासन से मिलकर करवाएंगे भी। आज की पीढ़ी गोंडा गौरव की शान के बारे में जानना चाहती है। गोंडा शहर कई तरह के अजीबोगरीब रहस्यों से भरा है। जिसके बारे में हम तभी जान सकते हैं, जब उसकी गहराई तक जाएं। 15 दिन बाद आर्किटिक्टों की टीम राजस्थान व दिल्ली से आ रही है। जिसके साथ मिल बैठकर राधाकुंड तालाब के सुंदरीकरण का पूरा खाका तैयार किया जाएगा। उसमें कितने रुपये का खर्च आएगा। यह बात तभी पता चल पाएगी।
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-प्रतीक भूषण सिंह, सदर विधायक गोंडा
राधाकुंड तालाब में अब से कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा। तालाब के चारो ओर रेलिंग व हाईमास्ट लाइट लगाए जाने की योजना उन्होंने मंजूर की है। जबकि आगे इस तालाब के होने वाले कार्यों की रूपरेखा टीम के दौरे के बाद तय होगी।
-उज्मा राशिद, चेयरमैन गोंडा नगर पालिका