{"_id":"5a2c294a4f1c1b6e468b967d","slug":"71512843594-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक अदालत में निपटे 4875 मामले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक अदालत में निपटे 4875 मामले
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी कचहरी व विभिन्न तहसीलों में राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत लगाई गई। इसमें फौजदारी, सिविल, राजस्व, बैंक आदि से जुड़े कुल 4875 मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत से महिला सोनी को राहत मिल गई। बैंक को उसका रुपया माफ करना पड़ा। अब उसे महज 1900 रुपया बैंक में जमा करना होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व प्रभारी जिला जज वीके श्रीवास्तव ने लोक अदालत का दीवानी कचहरी में दीप प्रज्जवलित करके शुभारंभ किया। प्राधिकरण सचिव अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि सुलह समझौते के माध्यम से प्राधिकरण लोगों को न्याय दिला रहा है। प्रभारी जिला जज ने 14 मामलों का निस्तारण भी किया। प्राधिकरण के सहयोग से ऋण के मामले में बस स्टेशन के निकट रहने वाली सोनी को राहत मिली। उसके पिता ने देना बैंक से दस हजार रुपये का ऋण लिया था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। ऋण का कुछ हिस्सा जमा नहीं हो पा रहा था। बैंक ने 3900 रुपये वसूली के लिए नोटिस भेजा। महिला ने प्राधिकरण के सामने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इस पर प्राधिकरण के सचिव ने बैंक अधिकारियों से वार्ता करके तत्काल एक हजार रुपये जमा कराते हुए 900 रुपया तीन माह में अदा करने को कहा। साथ ही शेष राशि माफ कर दी गई।
विज्ञापन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व प्रभारी जिला जज वीके श्रीवास्तव ने लोक अदालत का दीवानी कचहरी में दीप प्रज्जवलित करके शुभारंभ किया। प्राधिकरण सचिव अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि सुलह समझौते के माध्यम से प्राधिकरण लोगों को न्याय दिला रहा है। प्रभारी जिला जज ने 14 मामलों का निस्तारण भी किया। प्राधिकरण के सहयोग से ऋण के मामले में बस स्टेशन के निकट रहने वाली सोनी को राहत मिली। उसके पिता ने देना बैंक से दस हजार रुपये का ऋण लिया था। उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है। ऋण का कुछ हिस्सा जमा नहीं हो पा रहा था। बैंक ने 3900 रुपये वसूली के लिए नोटिस भेजा। महिला ने प्राधिकरण के सामने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इस पर प्राधिकरण के सचिव ने बैंक अधिकारियों से वार्ता करके तत्काल एक हजार रुपये जमा कराते हुए 900 रुपया तीन माह में अदा करने को कहा। साथ ही शेष राशि माफ कर दी गई।
विज्ञापन