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Lucknow News: खर्राटे से पीड़ित 70 % को बीपी और 50 % को मधुमेह की समस्या

Sat, 14 Mar 2026 02:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 02:17 AM IST
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70% of snoring sufferers have BP and 50% have diabetes.
लखनऊ। नींद में खर्राटे आना साधारण बात नहीं है। यह ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) नामक गंभीर बीमारी का लक्षण है। इससे पीड़ित 70 फीसदी लोगों में बीपी और 50 फीसदी में मधुमेह की समस्या भी मिली है। यह निष्कर्ष डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के रिस्परेटरी मेडिसिन विभाग की स्लीप स्टडी लैब में हुए अध्ययन में सामने आया है।
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विभागाध्यक्ष प्रो. अजय वर्मा ने बताया कि खर्राटे के दौरान गले की मांसपेशियां शिथिल होकर वायुमार्ग को आंशिक या पूरी तरह अवरुद्ध कर देती हैं। इससे मस्तिष्क को ऑक्सीजन की कमी महसूस होती है और वह व्यक्ति को सांस लेने के लिए जगा देता है, भले ही उसे इसका एहसास न हो। लोहिया संस्थान की लैब में हुई स्लीप स्टडी में एक साल के दौरान आए सौ से ज्यादा मरीजों के अध्ययन के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
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पुरुषों में समस्या तीन गुना ज्यादा

स्लीप स्टडी में पाया गया कि खर्राटों की समस्या महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में करीब तीन गुना ज्यादा है। स्लीप स्टडी कराने वाले पुरुषों में से लगभग 60 फीसदी और महिलाओं में से 19 फीसदी मध्यम से गंभीर ओएसए से पीड़ित पाए गए। इन्हें बीपी ओर शुगर की समस्या भी ज्यादा मिली।
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ओएसए के लक्षण

-रात में बहुत तेज और अनियमित खर्राटे
-सोते समय सांस का रुकना

- रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना और अचानक हांफते हुए जागना

- सुबह सिर में भारीपन

- सुस्ती

- काम या ड्राइविंग के दौरान नींद के झोंके आना

- याद्दाश्त में कमी और चिड़चिड़ापन


वजन घटाएं, कारगर है सीपीएपी
डॉ. अजय वर्मा के मुताबिक, मोटापे से वायुमार्ग संकरा होता है। इसलिए ओएसए से बचने में वजन घटाना महत्वपूर्ण कदम है। सीपीएपी (कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर) मशीन को ओएसए का सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है। यह मशीन सोते समय वायुमार्ग को खुला रखने के लिए हल्का दबाव देती है। अध्ययनों में पाया गया है कि सीपीएपी का नियमित उपयोग करने वाले सभी मरीज संतुष्ट हैं और उनके रक्तचाप व शुगर बेहतर नियंत्रित रहते हैं। हालांकि, अभी 35 फीसदी लोग जागरूकता की कमी के कारण इस जीवन रक्षक मशीन का उपयोग करने में संकोच करते हैं।
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