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आंधी-पानी से खंभे टूटे, 400 गांवों की बती गुल
Updated Mon, 30 Apr 2018 10:48 PM IST
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गोंडा। जिले में रविवार की रात आई आंधी और उसके बाद हुई बरसात ने जनपद की बिजली व्यवस्था को एक बार फिर बेपटरी कर दिया है। आंधी व बारिश के 18 घंटे बाद भी जिले के 400 गांवों की बिजली अभी गुल चल रही है। जिसके पीछे बिजली के करीब 100 खंभों का टूटना बड़ा कारण बताया जा रहा है। हालांकि जिन-जिन इलाकों में बिजली के खंभे टूटे हैं, वहां उनके बदलने का काम विभाग ने शुरू कर दिया है। लेकिन फिर भी चार लाख आबादी वाले 400 गांवों की बिजली पूरी तरह से बहाल होने में अभी 48 घंटे का समय लग सकता है।
रविवार रात गरज-चमक के साथ हुई बरसात और तेज चली हवाओं से जिले में दर्जनों की संख्या में लगे बिजली के खंभे धराशाई हो गए। रात 11 बजे से चलनी शुरू हुई तेज हवाओं के बाद 220 केवी कंट्रोल रूम से एहतिहातन पूरे जिले की बिजली बंद कर दी गई, जो करीब तीन घंटे तक बंद रही। लेकिन तीन घंटे बाद एक बजे जैसे ही एक-एक कर शहर व देहात क्षेत्रों की बिजली चालू की गई तो कहीं के भी फीडर होल्ड नहीं हुए। गोंडा शहर में ही टैगोर नगर प्रजापतिपुरम के पास 11 केवी एचटी लाइन का एक पोल टूट जाने से 250 केवीए का ट्रांसफार्मर डैमेज हो गया। जबकि एलटी लाइन के तीन खंभों की लाइन भी तेज हवा से जमीन पर आ गई। वहीं, बेलसर-गोंडा रोड पर मंडैया पेट्रोल पंप से सरस्वती इंटर कॉलेज तक छह खंभों की लाइन खंभे टूटने से जमीन पर आ गिरी। जबकि मसकनवा में दीननगर, गयाघाट, शीतलगंज ग्रंट व चिरैया में बिजली के खंभों के टूटने से इस इलाके की करीब 20 हजार आबादी की बिजली गुल चल रही है।
सोमवार को पावर कॉरपोरेशन ने आंधी व पानी से बंद चल रही लाइनों को ठीक करने का तो प्रयास किया, लेकिन उसकी कोशिशों के बावजूद अभी भी जिले के 400 गांवों की बिजली तार-खंभों के टूटने के कारण बहाल नहीं हो पाई है। इस वजह से करीब चार लाख लोग अभी भी अंधेरे में हैं। मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन आरके श्रीवास्तव का कहना है कि प्रत्येक बिजलीघर के अवर अभियंता को उनके क्षेत्र में जहां भी खंभे टूटे हैं, उसका इस्टीमेट अधिशाषी अभियंता से तत्काल सेंक्शन कराते हुए लाइन चालू करने के निर्देश दे रखे गए हैं। उम्मीद है कि 24 से 48 घंटों में सभी जगहों की बिजली चालू हो जाएगी।
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बारिश होने से गेहूं की फसलें भीग कर हुईं चौपट
रविवार की रात आई आंधी के बाद हुई तेज बारिश से फसलें भीग कर चौपट हो गईं। बारिश हो जाने से फसलों की कटाई-मड़ाई का काम ठप पड़ गया है। बारिश होने से फसलें खास कर गेहूं के खेत में लगी व कटी पड़ी फसल भीग कर खराब हो गई है। अभी जिले में करीब 20 फीसदी गेहूं किसानों का खेत में ही लगा है या फिर कटा पड़ा है, जिसकी मड़ाई नही हो सकी है। गेहूं की फसल भीग जाने से फसल के दाने के बदरंग हो जाने की आशंका है। किसानों का कहना है कि दो दिन धूप तेज न हुई तो दाने के खराब होने की संभावना है। धूप हो जाने पर फसलों को बचाया जा सकता है।
गन्ना व सब्जी की फसलों को फायदा
बारिश होने से जहां रबी सीजन की तैयार खास कर गेहूं की फसल को भीगने से नुकसान हुआ है, वहीं पर गन्ना, मक्का व सब्जी की फसलों को फायदा हुआ है। बारिश से गन्ना, मक्का व सब्जियों की फसलों की सिंचाई हो गई है। किसानों को हर तीसरे दिन ऐसी फसलों को बचाने के लिए सिंचाई करनी पड़ रही थी। किसानों को बारिश से एक तरफ थोड़ी सी राहत भी मिली है।
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रविवार रात गरज-चमक के साथ हुई बरसात और तेज चली हवाओं से जिले में दर्जनों की संख्या में लगे बिजली के खंभे धराशाई हो गए। रात 11 बजे से चलनी शुरू हुई तेज हवाओं के बाद 220 केवी कंट्रोल रूम से एहतिहातन पूरे जिले की बिजली बंद कर दी गई, जो करीब तीन घंटे तक बंद रही। लेकिन तीन घंटे बाद एक बजे जैसे ही एक-एक कर शहर व देहात क्षेत्रों की बिजली चालू की गई तो कहीं के भी फीडर होल्ड नहीं हुए। गोंडा शहर में ही टैगोर नगर प्रजापतिपुरम के पास 11 केवी एचटी लाइन का एक पोल टूट जाने से 250 केवीए का ट्रांसफार्मर डैमेज हो गया। जबकि एलटी लाइन के तीन खंभों की लाइन भी तेज हवा से जमीन पर आ गई। वहीं, बेलसर-गोंडा रोड पर मंडैया पेट्रोल पंप से सरस्वती इंटर कॉलेज तक छह खंभों की लाइन खंभे टूटने से जमीन पर आ गिरी। जबकि मसकनवा में दीननगर, गयाघाट, शीतलगंज ग्रंट व चिरैया में बिजली के खंभों के टूटने से इस इलाके की करीब 20 हजार आबादी की बिजली गुल चल रही है।
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सोमवार को पावर कॉरपोरेशन ने आंधी व पानी से बंद चल रही लाइनों को ठीक करने का तो प्रयास किया, लेकिन उसकी कोशिशों के बावजूद अभी भी जिले के 400 गांवों की बिजली तार-खंभों के टूटने के कारण बहाल नहीं हो पाई है। इस वजह से करीब चार लाख लोग अभी भी अंधेरे में हैं। मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन आरके श्रीवास्तव का कहना है कि प्रत्येक बिजलीघर के अवर अभियंता को उनके क्षेत्र में जहां भी खंभे टूटे हैं, उसका इस्टीमेट अधिशाषी अभियंता से तत्काल सेंक्शन कराते हुए लाइन चालू करने के निर्देश दे रखे गए हैं। उम्मीद है कि 24 से 48 घंटों में सभी जगहों की बिजली चालू हो जाएगी।
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बारिश होने से गेहूं की फसलें भीग कर हुईं चौपट
रविवार की रात आई आंधी के बाद हुई तेज बारिश से फसलें भीग कर चौपट हो गईं। बारिश हो जाने से फसलों की कटाई-मड़ाई का काम ठप पड़ गया है। बारिश होने से फसलें खास कर गेहूं के खेत में लगी व कटी पड़ी फसल भीग कर खराब हो गई है। अभी जिले में करीब 20 फीसदी गेहूं किसानों का खेत में ही लगा है या फिर कटा पड़ा है, जिसकी मड़ाई नही हो सकी है। गेहूं की फसल भीग जाने से फसल के दाने के बदरंग हो जाने की आशंका है। किसानों का कहना है कि दो दिन धूप तेज न हुई तो दाने के खराब होने की संभावना है। धूप हो जाने पर फसलों को बचाया जा सकता है।
गन्ना व सब्जी की फसलों को फायदा
बारिश होने से जहां रबी सीजन की तैयार खास कर गेहूं की फसल को भीगने से नुकसान हुआ है, वहीं पर गन्ना, मक्का व सब्जी की फसलों को फायदा हुआ है। बारिश से गन्ना, मक्का व सब्जियों की फसलों की सिंचाई हो गई है। किसानों को हर तीसरे दिन ऐसी फसलों को बचाने के लिए सिंचाई करनी पड़ रही थी। किसानों को बारिश से एक तरफ थोड़ी सी राहत भी मिली है।