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भ्रष्टाचार का आरोप लगा वकीलों का प्रदर्शन
Updated Fri, 18 May 2018 12:16 AM IST
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सलोन (रायबरेली)। बार एसोसिएशन ने गुरुवार को तहसील में प्रदर्शन करते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सलोन तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
वकीलों ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि नामांतरण के प्रार्थना पत्र की पत्रावलियां लेखपालों को रिपोर्ट लगाने के लिए दे दी जाती हैं जो बिना लेनदेन के वापस नहीं की जाती हैं। दुरुस्ती के कागजातों की पत्रावलियों में आसानी से कोई रिपोर्ट नहीं लगाई जाती है, जबकि इनका निस्तारण 15 दिन में हो जाना चाहिए। सीमांकन के वादों में लेखपाल या कानूनगो द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, जबकि इसका निस्तारण एक माह में हो जाना चाहिए।
वकीलों ने आरोप लगाया कि 10 वर्षों से अधिक पुराने पट्टे आज भी असंक्रमणीय हैं, उनको संक्रमणीय नहीं किया गया है। वकीलों ने आरोप लगाया कि धारा 38 की पत्रावलियों का निस्तारण करने में देरी की जाती है। तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है, जिससे जनता में आक्रोश है। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संरक्षक ओमप्रकाश रस्तोगी, अध्यक्ष लालता प्रसाद यादव, महामंत्री दिनेश चंद्र मौर्या, राजकुमार गुप्ता, मोहम्मद तारिक, विनय त्रिपाठी, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, अर्जुन शुक्ला समेत वकीलों ने नारेबाजी करके कार्रवाई की मांग की।
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वकीलों ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि नामांतरण के प्रार्थना पत्र की पत्रावलियां लेखपालों को रिपोर्ट लगाने के लिए दे दी जाती हैं जो बिना लेनदेन के वापस नहीं की जाती हैं। दुरुस्ती के कागजातों की पत्रावलियों में आसानी से कोई रिपोर्ट नहीं लगाई जाती है, जबकि इनका निस्तारण 15 दिन में हो जाना चाहिए। सीमांकन के वादों में लेखपाल या कानूनगो द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, जबकि इसका निस्तारण एक माह में हो जाना चाहिए।
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वकीलों ने आरोप लगाया कि 10 वर्षों से अधिक पुराने पट्टे आज भी असंक्रमणीय हैं, उनको संक्रमणीय नहीं किया गया है। वकीलों ने आरोप लगाया कि धारा 38 की पत्रावलियों का निस्तारण करने में देरी की जाती है। तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है, जिससे जनता में आक्रोश है। तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ संरक्षक ओमप्रकाश रस्तोगी, अध्यक्ष लालता प्रसाद यादव, महामंत्री दिनेश चंद्र मौर्या, राजकुमार गुप्ता, मोहम्मद तारिक, विनय त्रिपाठी, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, अर्जुन शुक्ला समेत वकीलों ने नारेबाजी करके कार्रवाई की मांग की।
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