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चंद्रग्रहण 31 को, नहीं हो सकेंगे रामलला के दर्शन
Updated Sun, 28 Jan 2018 10:49 PM IST
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अयोध्या। चंद्रग्रहण के चलते रामनगरी के सभी मंदिरों के कपाट 31 जनवरी को बंद रहेंगे। इसके चलते श्रद्धालु गुरुवार को ही दर्शन-पूजन कर पाएंगे। बुधवार को सूतक के चलते पूरे दिन दर्शन सुलभ नहीं होंगे। 31 जनवरी 2018 को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण होगा। चंद्रग्रहण का स्पर्शकाल सायंकाल 5:18 बजे व मोक्षकाल रात्रि 8:42 बजे होगा। ग्रहण का सूतक सुबह 8:35 बजे लग जाएगा।
ज्योतिष गुरु स्वामी हरिदयाल मिश्र ने बताया कि इस वर्ष का पहला खग्रास चंद्रग्रहण 31 जनवरी को होगा। ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण भारत वर्ष में दृश्य होगा, इसलिए धार्मिक सूतक मान्य होगा। जिसके चलते मंदिरों के कपाट नौ घंटे पूर्व ही बंद हो जाएंगे। इस बार बुधवार को पूरे दिन रामलला के दर्शन भक्तों को सुलभ नहीं हो सकेेंगे। रामजन्मभूमि के अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि चंद्रग्रहण के सूतक के चलते सुबह 6:43 बजे रामलला का पूजन-अर्चन के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे, जिसका मोक्ष रात्रि 8:42 बजे होगा। चूंकि रात्रि में रामलला के दर्शन नहीं होते, इसलिए अगले दिन गुरुवार को सुबह पूजन-अर्चन के बाद प्रथम पाली से दर्शन भक्तों को सुलभ होंगे। वहीं हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानबाग सहित अन्य मंदिरों के कपाट भी सूतक के चलते बंद रहेंगे।
ग्रहण के दौरान करें ये उपाय
स्वामी हरिदयाल ने बताया कि ग्रहण के समय सफेद वस्तु दान करने से व्यक्ति पुण्य का भागी बनता है। ग्रहण के समय भजन व कीर्तन करने से दस गुना फल मिलता है। पवित्र नदी में स्नान और हवन व दान का इस समय विशेष महत्व है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास ध्यान देने की जरूरत रहती है।
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ज्योतिष गुरु स्वामी हरिदयाल मिश्र ने बताया कि इस वर्ष का पहला खग्रास चंद्रग्रहण 31 जनवरी को होगा। ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण भारत वर्ष में दृश्य होगा, इसलिए धार्मिक सूतक मान्य होगा। जिसके चलते मंदिरों के कपाट नौ घंटे पूर्व ही बंद हो जाएंगे। इस बार बुधवार को पूरे दिन रामलला के दर्शन भक्तों को सुलभ नहीं हो सकेेंगे। रामजन्मभूमि के अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि चंद्रग्रहण के सूतक के चलते सुबह 6:43 बजे रामलला का पूजन-अर्चन के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे, जिसका मोक्ष रात्रि 8:42 बजे होगा। चूंकि रात्रि में रामलला के दर्शन नहीं होते, इसलिए अगले दिन गुरुवार को सुबह पूजन-अर्चन के बाद प्रथम पाली से दर्शन भक्तों को सुलभ होंगे। वहीं हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानबाग सहित अन्य मंदिरों के कपाट भी सूतक के चलते बंद रहेंगे।
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ग्रहण के दौरान करें ये उपाय
स्वामी हरिदयाल ने बताया कि ग्रहण के समय सफेद वस्तु दान करने से व्यक्ति पुण्य का भागी बनता है। ग्रहण के समय भजन व कीर्तन करने से दस गुना फल मिलता है। पवित्र नदी में स्नान और हवन व दान का इस समय विशेष महत्व है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास ध्यान देने की जरूरत रहती है।
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