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व्यक्ति से अधिक व्यवस्था महत्वपूर्ण : प्रो. सुषमा
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:04 AM IST
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि परिसर के संत कबीर सभागार में लोक प्रशासन के सम सामयिक मुद्दे पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि प्रो सुषमा यादव कुलपति, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय ने संबोधित किया।
प्रो सुषमा कहा कि वैश्वीकरण अपने आप में एक तरह का बाजारीकरण का स्वरूप है। मानवाधिकार को विकसित देशों की ओर से ही परिभाषित किया गया है उसी की तर्ज पर भारत में मानवाधिकार थोपा गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून में व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण है व्यक्ति कम महत्वपूर्ण है। यह एक विसंगति ही है, जबकि नागरिकों का हित अधिक महत्वपूर्ण है।
कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने कहा कि लोक प्रशासन सभी विषयों का विषय है। विश्व के लगभग सभी विकसित देश अपने नागरिक कानून में आवश्यक सुधार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि विषयों के इतिहास का गहनता से अध्ययन किया जाय तो निश्चित रूप से भारतीय विद्वानों का योगदान आपको शीर्ष पर मिलेगा। सेमिनार के उद्घाटन सत्र को प्रो. अजमेर सिंह मलिक, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. इंद्रजीत शोढ़ी ने भी संबोधित किया।
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कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष प्रो. मृदुला मिश्र ने किया। सेमिनार के स्थानीय आयोजक सचिव डॉ. विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि 8 जुलाई को सामान्य परिचर्चा आयोजित है जिसमें सेमिनार के प्रतिभागी लोक प्रशासन से संबंधित सुझाव रख सकते हैं।
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प्रो सुषमा कहा कि वैश्वीकरण अपने आप में एक तरह का बाजारीकरण का स्वरूप है। मानवाधिकार को विकसित देशों की ओर से ही परिभाषित किया गया है उसी की तर्ज पर भारत में मानवाधिकार थोपा गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून में व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण है व्यक्ति कम महत्वपूर्ण है। यह एक विसंगति ही है, जबकि नागरिकों का हित अधिक महत्वपूर्ण है।
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कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने कहा कि लोक प्रशासन सभी विषयों का विषय है। विश्व के लगभग सभी विकसित देश अपने नागरिक कानून में आवश्यक सुधार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि विषयों के इतिहास का गहनता से अध्ययन किया जाय तो निश्चित रूप से भारतीय विद्वानों का योगदान आपको शीर्ष पर मिलेगा। सेमिनार के उद्घाटन सत्र को प्रो. अजमेर सिंह मलिक, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. इंद्रजीत शोढ़ी ने भी संबोधित किया।
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कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष प्रो. मृदुला मिश्र ने किया। सेमिनार के स्थानीय आयोजक सचिव डॉ. विनोद श्रीवास्तव ने बताया कि 8 जुलाई को सामान्य परिचर्चा आयोजित है जिसमें सेमिनार के प्रतिभागी लोक प्रशासन से संबंधित सुझाव रख सकते हैं।