अच्छी खबरः यूपी में हुईं 35 हजार भर्तियों की घोषणा
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नगर विकास एवं संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने प्रदेश में 35 हजार सफाईकर्मियों की भर्ती कराने की घोषणा की है। यह भर्ती पूर्व में घोषित एक लाख पदों में से 65 हजार भर्तियों के बाद बचे हुए पदों पर की जाएगी।
भाजपा के डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने नियम-56 के तहत शहरों की बदहाल सफाई व्यवस्था का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की रिपोर्ट में शामिल 476 शहरों में यूपी का अकेला इटावा 68 वें स्थान पर आया। सूबे के बाकी शहर 116 से 471 के बीच हैं।
नगर विकास मंत्री का जिला रामपुर 309 वें नंबर पर है। उन्होंने ठेके की सफाई व्यवस्था को भ्रष्टाचार का पर्याय बताया तथा स्वच्छता की दुखदायी तस्वीर पर चर्चा कराने की मांग की।नगर विकास मंत्री आजम खां ने जवाब देते हुए केंद्र के स्वच्छता कार्यक्रम को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।
सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया स्वच्छता मिशन
आजम खां ने कहा कि स्वच्छता मिशन झाड़ू से चला है। दो दिन पहले बनारस की रिपोर्ट आई। भाजपा के लोगों ने ही बताया कि पीएमओ का निर्देश है कि जो मिशन से जुड़े हैं, उनका नाम निकाल दिया जाए। जो नवरत्न चुने, उन्हें भी समाप्त कर दिया। मिशन सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया।
आजम ने मिशन के स्वच्छ शहरों की सूची पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सूची के क्या मानक हैं, पता नहीं। प्रदेश की राय लेकर सूची बनाई नहीं गई।हालांकि उन्होंने पूर्व की सपा सरकार में एक लाख सफाईकर्मियों की भर्ती के ऐलान की चर्चा करते हुए कहा कि 65 हजार भर्तियां हो चुकी हैं। बाकी 35 हजार भर्तियां करने के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश करेंगे।
आजम ने मेरठ व गाजियाबाद में पिछले दिनों सफाईकर्मियों की हड़ताल का हवाला देते हुए कर्मियों की हठधर्मिता की भी चर्चा की। कहा कि सरकार को मजबूरी में ठेके पर सफाई करानी पड़ती है।
सरकारी सफाईकर्मियों को 40 हजार रुपये वेतन मिलते हैं लेकिन वे खुद काम नहीं करते। पांच हजार पर किसी और को भेज देते हैं। उस पर सख्ती करें तो मुसलमान होने की बात करने लगते हैं।