{"_id":"5bdb4adbbdec2269525f9693","slug":"31541098203-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलेज के वॉशरूम में बेहोश मिली बीए की छात्रा, इलाज के दौरान मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉलेज के वॉशरूम में बेहोश मिली बीए की छात्रा, इलाज के दौरान मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
आत्महत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरोजनीनगर थानाक्षेत्र में बुधवार को बीए तृतीय वर्ष की छात्रा माही यादव (19) कालेज के वॉशरूम में संदिग्ध हालात में बेहोश पड़ी मिली। ट्रॉमा सेंटर में देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बकौल पुलिस, पोस्टमार्टम में विसरा सुरक्षित रखा गया है। जहरीला पदार्थ खाने से मौत की आशंका जताई गई है।
बंथरा थानाक्षेत्र के अंबरपुर में रहने वाले किसान सुजान सिंह यादव की बेटी माही यादव गौरी बाजार स्थित हीरालाल यादव बालिका पीजी कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। बताते हैं कि माही बुधवार को कॉलेज पहुंचने के बाद सुबह करीब दस बजे स्कूल परिसर में ही मौजूद नल के पास पानी पीने गई थी, जहां वह बेहोश होकर गिर पड़ी। यह देख चतुर्थ श्रेणी कर्मी तारा ने कॉलेज प्रशासन को जानकारी दी।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां से उसे ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों ने कृष्णानगर स्थित एक निजी अस्पताल में माही की एमआरआई कराई और ट्रॉमा सेंटर ले गए। बुधवार देर रात छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। उधर, सरोजनीनगर पुलिस का कहना है कि ऐसे किसी मामले की कोई लिखित सूचना नहीं मिली है।
विज्ञापन
एक सप्ताह से कॉलेज नहीं आ रही थी माही
कॉलेज के प्रबंधक राम सिंह यादव ने बताया कि छात्रा करीब एक सप्ताह से कॉलेज नहीं आ रही थी। कई दिनों बाद बुधवार को कॉलेज पहुंची और अचानक यह हादसा हो गया। प्रबंधक ने बताया कि माही के परिवारीजनों के मुताबिक, वह रोज घर से कॉलेज के लिए निकलती थी, लेकिन कॉलेज के बजाय वह दिन भर कहां रहती, इसका पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि बुधवार को माही कॉलेज जरूर पहुंची, लेकिन अपना बैग साथ में नहीं लाई। फिलहाल उसके पास मिला मोबाइल कॉलेज प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।
आखिर किसे बचा रही पुलिस
कॉलेज एवं पुलिस सूत्रों की माने तो ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक यह मान कर इलाज कर रहे थे कि माही ने कोई जहरीला पदार्थ खाया है। लेकिन कई दवाइयां देने के बाद जब उसे उल्टियां नहीं हुई तो उन्होंने इंजेक्शन दिया और वह होश में आ गई। इस दौरान माही ने पुलिस व परिवारीजनों की मौजूदगी में चिकित्सकों को बयान दिया। इसमें उसने सारी घटना का खुलासा किया। बावजूद इसके पुलिस व उसके परिवारीजनों ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर रामसूरत सोनकर ने बताया कि ऐसे किसी मामले की तहरीर या कॉलेज प्रशासन से सूचना नहीं मिली है।
विज्ञापन
बंथरा थानाक्षेत्र के अंबरपुर में रहने वाले किसान सुजान सिंह यादव की बेटी माही यादव गौरी बाजार स्थित हीरालाल यादव बालिका पीजी कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। बताते हैं कि माही बुधवार को कॉलेज पहुंचने के बाद सुबह करीब दस बजे स्कूल परिसर में ही मौजूद नल के पास पानी पीने गई थी, जहां वह बेहोश होकर गिर पड़ी। यह देख चतुर्थ श्रेणी कर्मी तारा ने कॉलेज प्रशासन को जानकारी दी।
विज्ञापन
कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां से उसे ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों ने कृष्णानगर स्थित एक निजी अस्पताल में माही की एमआरआई कराई और ट्रॉमा सेंटर ले गए। बुधवार देर रात छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। उधर, सरोजनीनगर पुलिस का कहना है कि ऐसे किसी मामले की कोई लिखित सूचना नहीं मिली है।
विज्ञापन
एक सप्ताह से कॉलेज नहीं आ रही थी माही
कॉलेज के प्रबंधक राम सिंह यादव ने बताया कि छात्रा करीब एक सप्ताह से कॉलेज नहीं आ रही थी। कई दिनों बाद बुधवार को कॉलेज पहुंची और अचानक यह हादसा हो गया। प्रबंधक ने बताया कि माही के परिवारीजनों के मुताबिक, वह रोज घर से कॉलेज के लिए निकलती थी, लेकिन कॉलेज के बजाय वह दिन भर कहां रहती, इसका पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि बुधवार को माही कॉलेज जरूर पहुंची, लेकिन अपना बैग साथ में नहीं लाई। फिलहाल उसके पास मिला मोबाइल कॉलेज प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।
आखिर किसे बचा रही पुलिस
कॉलेज एवं पुलिस सूत्रों की माने तो ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सक यह मान कर इलाज कर रहे थे कि माही ने कोई जहरीला पदार्थ खाया है। लेकिन कई दवाइयां देने के बाद जब उसे उल्टियां नहीं हुई तो उन्होंने इंजेक्शन दिया और वह होश में आ गई। इस दौरान माही ने पुलिस व परिवारीजनों की मौजूदगी में चिकित्सकों को बयान दिया। इसमें उसने सारी घटना का खुलासा किया। बावजूद इसके पुलिस व उसके परिवारीजनों ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर रामसूरत सोनकर ने बताया कि ऐसे किसी मामले की तहरीर या कॉलेज प्रशासन से सूचना नहीं मिली है।