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राम, लक्ष्मण, सीता के साथ ही 'चुनमुन' की मूर्ति रखवाई
Updated Tue, 15 May 2018 11:48 PM IST
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रायबरेली। औलाद न होने के गम से जहां लोग अंदर ही अंदर टूट जाते हैं। बुढ़ापे का सहारा बनाने के लिए परिवारीजन या फिर करीबी को अपना उत्तराधिकारी बनाने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं कुछ ऐसे लोग हैं, जिनके चेहरे पर शिकन तक नहीं होती। सबिस्ता बृजेश ने इस मिथक को तोड़ दिया है। जीव संरक्षण की उन्होंने जो मिसाल पेश की है, वह शायद आपने कभी न सुनी हो। सबिस्ता ने औलाद न होने पर अपने बंदर चुनमुन को न सिर्फ संपत्ति का वारिस बना दिया, बल्कि अब उसकी मौत के बाद घर में ही मंदिर बनवा दिया। सोमवार को मंदिर में राम, लक्ष्मण, सीता के अलावा चुनमुन (बंदर) की मूर्ति रखवाई गई। इसमें प्रतिष्ठित लोगों ने शिरकत कर इस कार्य की सराहना की।
शहर के शक्ति नगर मोहल्ले की रहने वाली सबिस्ता बृजेश पत्नी बृजेश श्रीवास्तव को शादी के कई साल बाद भी औलाद की खुशी नहीं मिल सकी। बात वर्ष 2004 की है। कुछ लोग एक बंदरिया को मार रहे थे। इस पर सबिस्ता ने बंदरिया को 300 रुपये में खरीद लिया। एक दिन बंदरिया मर गई। छह महीने बाद एक मदारी चुनमुन बंदर को ले जा रहा था। सबिस्ता की नजर उस पर पड़ी। चुनमुन करंट लगने से घायल था। सबिस्ता बताती हैं कि चुनमुन को उन्होंने पाल लिया। उसका बेटे की तरह ख्याल रखती थीं। बंदर के नाम ही मकान, गाड़ी, दो बीघे जमीन, एक प्लाट, 20 लाख की बैंक में एफडी करवाई। बाकायदा चुनमुन के लिए घर में ही एयरकंडीशन रूम बनवाया। 2017 में चुनमुन का विवाह भी कराया। बीती 15 मई को चुनमुन यानि करोड़पति बंदर की मौत हो गई। चुनमुन की मौत के बाद संबिस्ता बृजेश ने हिंदू रीति रिवाज से चुनमुन की तेरहवीं भी की और अब चुनमुन के नाम से चुनमुन की प्रतिमा लगार उसका मंदिर भी बनवा दिया, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को की गई। इस मंदिर में चुनमुन की मूर्ति के अलावा राम, लक्ष्मण, सीता की मूर्ति भी स्थापित की गई। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
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शहर के शक्ति नगर मोहल्ले की रहने वाली सबिस्ता बृजेश पत्नी बृजेश श्रीवास्तव को शादी के कई साल बाद भी औलाद की खुशी नहीं मिल सकी। बात वर्ष 2004 की है। कुछ लोग एक बंदरिया को मार रहे थे। इस पर सबिस्ता ने बंदरिया को 300 रुपये में खरीद लिया। एक दिन बंदरिया मर गई। छह महीने बाद एक मदारी चुनमुन बंदर को ले जा रहा था। सबिस्ता की नजर उस पर पड़ी। चुनमुन करंट लगने से घायल था। सबिस्ता बताती हैं कि चुनमुन को उन्होंने पाल लिया। उसका बेटे की तरह ख्याल रखती थीं। बंदर के नाम ही मकान, गाड़ी, दो बीघे जमीन, एक प्लाट, 20 लाख की बैंक में एफडी करवाई। बाकायदा चुनमुन के लिए घर में ही एयरकंडीशन रूम बनवाया। 2017 में चुनमुन का विवाह भी कराया। बीती 15 मई को चुनमुन यानि करोड़पति बंदर की मौत हो गई। चुनमुन की मौत के बाद संबिस्ता बृजेश ने हिंदू रीति रिवाज से चुनमुन की तेरहवीं भी की और अब चुनमुन के नाम से चुनमुन की प्रतिमा लगार उसका मंदिर भी बनवा दिया, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को की गई। इस मंदिर में चुनमुन की मूर्ति के अलावा राम, लक्ष्मण, सीता की मूर्ति भी स्थापित की गई। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
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