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Lucknow News: बिना लाइसेंस चल रहे 27 ईंट-भट्ठों पर बंदी की तलवार
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लखनऊ। जिला पंचायत के लाइसेंस के बिना चल रहे सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और बख्शी का तालाब के 27 ईंट-भट्ठों पर बंदी की तलवार लटक गई है। अपर मुख्य अधिकारी ने इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजा है। इन भट्ठों के संचालकों ने नोटिस के बाद भी लाइसेंस शुल्क नहीं जमा किया है।
ईंट-भट्ठे चलाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी कंसेंट टू ऑपरेट (संचालन की अनुमति) की शर्तों में विभिन्न प्राधिकरणों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। जिला पंचायत से भी वार्षिक लाइसेंस लेना पड़ता है, जिसका शुल्क जमा करना होता है। 27 भट्ठों के संचालकों ने इस वर्ष जिला पंचायत से लाइसेंस नहीं लिया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भेजा है। भट्ठों की सूची संलग्न कर इनके संचालन की अनुमति को निरस्त करने के लिए कहा है। पत्र में कहा कि जब तक भट्ठा संचालक जिला पंचायत का शुल्क जमा कर वैध लाइसेंस न प्रस्तुत करें, तब तक संचालन की अनुमति न दी जाए।
विलंब शुल्क मिलाकर करीब 56 हजार के बकाएदार
जिला पंचायत का लाइसेंस और विलंब शुल्क मिलाकर एक भट्ठा संचालक पर करीब 56 हजार रुपये की बकायेदारी है। यह रकम जमा करने और अन्य शर्तें पूरी करने पर ही उन्हें जिला पंचायत से लाइसेंस मिलेगा। बिना लाइसेंस चल रहे भट्ठों में सबसे अधिक मोहनलालगंज क्षेत्र के हैं। क्षेत्र के 16 भट्ठों के पास लाइसेंस नहीं है। सरोजनीनगर के चार और बख्शी का तालाब के सात भट्ठे बिना लाइसेंस के धुआं उगल रहे हैं।
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ईंट-भट्ठे चलाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी कंसेंट टू ऑपरेट (संचालन की अनुमति) की शर्तों में विभिन्न प्राधिकरणों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। जिला पंचायत से भी वार्षिक लाइसेंस लेना पड़ता है, जिसका शुल्क जमा करना होता है। 27 भट्ठों के संचालकों ने इस वर्ष जिला पंचायत से लाइसेंस नहीं लिया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भेजा है। भट्ठों की सूची संलग्न कर इनके संचालन की अनुमति को निरस्त करने के लिए कहा है। पत्र में कहा कि जब तक भट्ठा संचालक जिला पंचायत का शुल्क जमा कर वैध लाइसेंस न प्रस्तुत करें, तब तक संचालन की अनुमति न दी जाए।
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विलंब शुल्क मिलाकर करीब 56 हजार के बकाएदार
जिला पंचायत का लाइसेंस और विलंब शुल्क मिलाकर एक भट्ठा संचालक पर करीब 56 हजार रुपये की बकायेदारी है। यह रकम जमा करने और अन्य शर्तें पूरी करने पर ही उन्हें जिला पंचायत से लाइसेंस मिलेगा। बिना लाइसेंस चल रहे भट्ठों में सबसे अधिक मोहनलालगंज क्षेत्र के हैं। क्षेत्र के 16 भट्ठों के पास लाइसेंस नहीं है। सरोजनीनगर के चार और बख्शी का तालाब के सात भट्ठे बिना लाइसेंस के धुआं उगल रहे हैं।
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