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मथुरा कांड पर भाजपा प्रवक्ता पर हाईकोर्ट ने जड़ा 25 हजार का जुर्माना

Fri, 17 Jun 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 17 Jun 2016 02:22 AM IST
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25 thousand rupees compensation on BJP spokes person.
- फोटो : demo pics

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मथुरा के जवाहरबाग में हुई हिंसा की सीबीआई जांच की गुजारिश करने वाली पीआईएल को ओछी, शरारतपूर्ण करार देते हुए खारिज कर दिया।

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कोर्ट ने पीआईएल दायर करने वाले भाजपा प्रवक्ता इंद्रपाल सिंह पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही, याची के वकील अशोक पांडेय की योग्यता पर सवाल उठाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए बार कौंसिल ऑफ यूपी को संदर्भित कर दिया है।
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अदालत ने कहा है कि बार कौंसिल यह तय करे कि अशोक पांडेय वकालत जारी रखने के योग्य है भी या नहीं। कोर्ट ने बार कौंसिल से 3 माह में जांच पूरी करने की अपेक्षा की है।
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अदालत ने कहा कि पीआईएल ‘पब्लिसिटी’ की चाहत रखने वाले व्यक्ति की तरफ से निजी लाभ के लिए दायर की गई थी।

आठ हफ्ते में दें हर्जाने की रकम नहीं तो होगी वसूली

25 thousand rupees compensation on BJP spokes person.

न्यायमूर्ति श्री नारायण शुक्ल और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने यह फैसला आजमगढ़ निवासी भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता इंद्रपाल सिंह की जनहित याचिका पर दिया।

दरअसल, 13 जून को ही कोर्ट ने याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई के बाद इसे खारिज करने का आदेश दिया था। साथ ही, याचिका पर बाद में विस्तृत फैसला देने को कहा था। इसी के तहत अदालत ने यह फैसला सुनाया।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अगर हर्जाने की रकम आठ हफ्ते में लखनऊ के कलेक्टर (डीएम) के पास जमा करने में नाकाम रहा तो डीएम रकम की वसूली भू-राजस्व के बकाए के रूप में कर सकेंगे।

वकील के हाव भाव अक्खड़ और धमकी भरा

25 thousand rupees compensation on BJP spokes person.

अदालत ने फैसले में कहा कि कोर्ट को संबोधित करते हुए वकील अशोक पांडेय की आवाज व हाव-भाव अक्खड़ और धमकाने वाले थे, जो उनकी बॉडी लेंग्वेज से भी जाहिर हो रहे थे।

चेतावनी देने के बाद भी पांडेय कोर्ट की मर्यादा व गरिमा बनाए रखने की परवाह बिना बहस करते रहे। यही नहीं, यह भी कहा कि उनकी बहस को आदेश में शामिल कर दी जाए।

कोर्ट ने कहा कि वकील अशोक के खिलाफ कई सख्त आदेश दिए जाने के बावजूद ऐसा लगता है कि उनमें किसी तरह का सुधार होने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के लिए मामला बार कौंसिल ऑफ यूपी को दिया जा रहा है।

जांच आयोग पर भी आपत्ति...बाद में पीछे हटे
वकील अशोक पांडेय ने याचिका में यह भी मांग की कि मथुरा का मामला हिंदू समुदाय से जुड़ा है, इसकी जांच आयोग का मुखिया जस्टिस इम्तियाज मुर्तजा को नहीं बनाया जाना चाहिए। लेकिन कोर्ट की नाराजगी को देखते हुए पांडेय ने इस गुजारिश को वापस ले लिया।

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