फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   22 districts of uttar pradesh are backward in making websites of schools

UP Schools: स्कूलों की वेबसाइट बनवाने में 22 जिले पिछड़े, शिक्षा विभाग ने DIOS को जल्द सूचना भेजने के दिए निर्देश

Mon, 13 Jun 2022 05:29 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 13 Jun 2022 05:29 AM IST
सार

प्रदेश के 22 जिलों में 50 फीसदी स्कूल ऐसे हैं जिनकी वेबसाइट नहीं बन पाई है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विद्यालयों 30 मई तक वेबसाइट बनाने संबंधी निर्देश दिए, लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। शासन ने इन जिलों के डीआईओएस को जल्द ब्योरा भेजने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
22 districts of uttar pradesh are backward in making websites of schools
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विद्यालयों की वेबसाइट बनाने और विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी बनाने संबंधी निर्देश दिए हैं। यह काम 30 मई तक पूरा होना था, लेकिन अब तक 22 जिलों में 50 फीसदी स्कूलों की वेबसाइट नहीं बन पाई है। छात्रों की ई-मेल आईडी बनवाने में भी स्कूल फिसड्डी हैं। शासन ने इन जिलों के डीआईओएस को जल्द ब्योरा भेजने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा ने समय से सूचना ने देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की 100 दिन की कार्ययोजना के तहत यह कवायद हो रही है। जिन जिलों में वेबसाइट बनाने का काम पिछड़ा है उनमें संभल, फतेहपुर, कन्नौज, चंदौली, पीलीभीत, कासगंज, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा, औरैया, आजमगढ़, एटा, बस्ती, फर्रुखाबाद, रायबरेली, अलीगढ़, वाराणसी, उन्नाव, आगरा, बलिया, मैनपुरी व जौनपुर जिले शामिल हैं।
विज्ञापन


वेबपेज बनवाने में ये जिले पिछड़े
कन्नौज, हरदोई, गौतमबुद्धनगर, बलरामपुर, एटा, चंदौली, लखनऊ, औरेया, हमीरपुर, देवरिया, उन्नाव, फिरोजाबाद, कानपुर देहात, मऊ, आजमगढ़, बलिया व अन्य।

वित्तविहीन विद्यालयों का ब्योरा देने में भी ढिला
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों की संसाधन मैपिंग के लिए भी डीआईओएस को निर्देश दिए थे, लेकिन ये कार्य भी तय मियाद में पूरा नहीं हुआ। करीब 51 जिले ऐसे हैं, जिनके यहां से 50 फीसदी विद्यालयों का ब्योरा नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्योरा देने में फिसड्डी जिलों में सोनभद्र, इटावा, हापुड़, अमरोहा, महराजगंज, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संभल, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, सुल्तानपुर, रामपुर, अमेठी, सीतापुर, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, कुशीनगर, मिर्जापुर, शाहजहांपुर, गोंडा, पीलीभीत, चंदौली, औरैया, रायबरेली, हरदोई, मऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर, कौशांबी, उन्नाव, लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर, बदायूं, भदोही, बहराइच, संतकबीरनगर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, कानपुर देहात, देवरिया, आजमगढ़, जौनपुर, हमीरपुर, एटा, बलिया, प्रतापगढ़, आगरा व मैनपुरी शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed