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96 आईसीयू बेड और दो कैथ लैब कम करेंगी दिल के मरीजों का दर्द
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केजीएमयू को शासन से 22 करोड़ रुपये मंजूर।
- फोटो : ??? ?????
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केजीएमयू में दिल के मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है। कॉर्डियोलॉजी विभाग में जल्द ही आईसीयू के 96 नए बेड के साथ दो नई कैथ लैब का शुभारंभ हो जाएगा।
इसके बाद भर्ती और एंजियोप्लास्टी की क्षमता दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगी। कॉर्डियोलॉजी विभाग के नए भवन के फिनिशिंग के लिए शासन ने 22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
यह काम पूरा होते ही नए साल की शुरुआत में इस भवन में विभाग का कामकाज शुरू हो जाएगा। कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों का दबाव ज्यादा रहता है। यहां की इमरजेंसी में रोज 50 से ज्यादा मरीज भर्ती होते हैं।
बेड खाली न होने पर काफी मरीजों को लौटना पड़ता है। इमरजेंसी के अलावा विभाग में इस समय कुल 80 बेड ही हैं और आईसीयू की सुविधा नहीं है।
इसे देखते हुए करीब पांच साल पहले विभाग के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसके लिए लारी कॉर्डियोलॉजी के पीछे नया भवन बनाने की शुरुआत भी हुई।
निर्माण काम पूरा होते-होते बजट के मुकाबले लागत ज्यादा हो गई। इससे पांच मंजिला भवन तो बनकर तैयार हो गया पर फिनिशिंग अटक गई। काफी वक्त से इसका काम रुका था।
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दूसरी ओर कॉर्डियोलॉजी विभाग पर मरीजों का दबाव बराबर बढ़ता जा रहा था। इसे देखते हुए संस्थान ने पत्र भेजा। इसके जवाब में शासन ने बचे काम के लिए 22 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। अब बचा काम इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
10 मंजिला भवन में चार मंजिल की पार्किंग
कॉर्डियोलॉजी विभाग में इस समय पार्किंग की समस्या है। नया भवन कुल 10 मंजिला है। इसमें छह मंजिलों पर भर्ती, इलाज की सुविधा और प्रशासनिक भवन होंगे, जबकि नीचे की चार मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा होगी।
नए भवन के बचे काम के लिए बजट स्वीकृत मिलने की मौखिक सूचना मिली है। उम्मीद है कि काम जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद विभाग में भर्ती और इलाज दोनों की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी।
- डॉ. अक्षय प्रधान, मीडिया प्रभारी, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग
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इसके बाद भर्ती और एंजियोप्लास्टी की क्षमता दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगी। कॉर्डियोलॉजी विभाग के नए भवन के फिनिशिंग के लिए शासन ने 22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
यह काम पूरा होते ही नए साल की शुरुआत में इस भवन में विभाग का कामकाज शुरू हो जाएगा। कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों का दबाव ज्यादा रहता है। यहां की इमरजेंसी में रोज 50 से ज्यादा मरीज भर्ती होते हैं।
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बेड खाली न होने पर काफी मरीजों को लौटना पड़ता है। इमरजेंसी के अलावा विभाग में इस समय कुल 80 बेड ही हैं और आईसीयू की सुविधा नहीं है।
इसे देखते हुए करीब पांच साल पहले विभाग के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई थी। इसके लिए लारी कॉर्डियोलॉजी के पीछे नया भवन बनाने की शुरुआत भी हुई।
निर्माण काम पूरा होते-होते बजट के मुकाबले लागत ज्यादा हो गई। इससे पांच मंजिला भवन तो बनकर तैयार हो गया पर फिनिशिंग अटक गई। काफी वक्त से इसका काम रुका था।
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दूसरी ओर कॉर्डियोलॉजी विभाग पर मरीजों का दबाव बराबर बढ़ता जा रहा था। इसे देखते हुए संस्थान ने पत्र भेजा। इसके जवाब में शासन ने बचे काम के लिए 22 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। अब बचा काम इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
10 मंजिला भवन में चार मंजिल की पार्किंग
कॉर्डियोलॉजी विभाग में इस समय पार्किंग की समस्या है। नया भवन कुल 10 मंजिला है। इसमें छह मंजिलों पर भर्ती, इलाज की सुविधा और प्रशासनिक भवन होंगे, जबकि नीचे की चार मंजिलों पर मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा होगी।
नए भवन के बचे काम के लिए बजट स्वीकृत मिलने की मौखिक सूचना मिली है। उम्मीद है कि काम जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद विभाग में भर्ती और इलाज दोनों की क्षमता दोगुने से ज्यादा हो जाएगी।
- डॉ. अक्षय प्रधान, मीडिया प्रभारी, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग