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आंधी-पानी से डेढ़ लाख लोगों की बती गुल
Updated Mon, 28 May 2018 11:48 PM IST
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रायबरेली। शहर के इंदिरानगर विद्युत उपकेंद्र समेत कई इलाकों की बिजली सोमवार को आंधी और बूंदाबांदी होने से गुल हो गई। 33 केवी लाइन में खराबी आने से यह समस्या आई, जिससे आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं सकी है। इसका खामियाजा करीब डेढ़ लाख लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यह हाल तब है, जब 33 केवी लाइन का लोड कम कर दिया गया है।
शहर के इंदिरा नगर उपकेंद्र से शहर के करीब 20 मोहल्लों को बिजली की आपूर्ति होती है। एक दर्जन से ज्यादा सरकारी विभाग इसी उपकेंद्र की बिजली से गुलजार होते हैं। सोमवार करीब तीन बजे आंधी और बूंदाबांदी शुरू हुई। इसी दौरान त्रिपुला ट्रांसमिशन से इंदिरानगर उपकेंद्र आने वाली लाइन में खराबी आ गई, जिसके बत्ती गुल हो गई। देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। खास बात यह है कि इसी लाइन से ग्रामीण क्षेत्र के कठगर विद्युत उपकेंद्र को भी बिजली की आपूर्ति होती थी, लेकिन इस उपकेंद्र को अलग कर दिया गया है। इसके बाद भी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
खराबी आने पर नहीं उठता एक्सईएन का फोन
वितरण खंड प्रथम के पास अब केवल शहर की बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी है, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। शहर में कही भी फॉल्ट आता है तो उनका मोबाइल बंद हो जाता या फिर फोन ही नहीं उठता। इससे उपभोक्ताओं यह नहीं पता चल पाता है कि आखिर बिजली कब तक आएगी। इससे लोगों में नाराजगी है। उपभोक्ता रमेश कुमार, शिवकुमार, शरद मेहरोत्रा, अखिलेश तिवारी ने बताया कि शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। सुधार के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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इन मोहल्लों व सरकारी विभागों को होती बिजली आपूर्ति
इंदिरा नगर उपकेंद्र से शहर के आनंद नगर, कप्तान का पुरवा, इंदिरा नगर, कृष्णा नगर, कैनाल रोड, आरडीए, मुंशीगंज के अलावा विकास भवन, कलेक्ट्रेट, राही ब्लॉक, सदर तहसील, विकास प्राधिकरण आदि 10 से 12 विभागों को बिजली की आपूर्ति होती है। पावर कॉर्पोरेशन को सबसे ज्यादा राजस्व भी इसी उपकेंद्र से मिलता है, लेकिन सुविधाएं सबसे खराब है।
इंसुलेटर पंचर होने से आई समस्या
33 केवी लाइन में देदौर के निकट इंसुलेटर पंचर हो गया है। जिसे बदलवाया जा रहा है। इंसुलेटर बदलने के बाद बिजली की आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- सुनील कुमार कुशवाहा, एसडीओ द्वितीय गोराबाजार
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शहर के इंदिरा नगर उपकेंद्र से शहर के करीब 20 मोहल्लों को बिजली की आपूर्ति होती है। एक दर्जन से ज्यादा सरकारी विभाग इसी उपकेंद्र की बिजली से गुलजार होते हैं। सोमवार करीब तीन बजे आंधी और बूंदाबांदी शुरू हुई। इसी दौरान त्रिपुला ट्रांसमिशन से इंदिरानगर उपकेंद्र आने वाली लाइन में खराबी आ गई, जिसके बत्ती गुल हो गई। देर शाम तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। खास बात यह है कि इसी लाइन से ग्रामीण क्षेत्र के कठगर विद्युत उपकेंद्र को भी बिजली की आपूर्ति होती थी, लेकिन इस उपकेंद्र को अलग कर दिया गया है। इसके बाद भी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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खराबी आने पर नहीं उठता एक्सईएन का फोन
वितरण खंड प्रथम के पास अब केवल शहर की बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी है, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। शहर में कही भी फॉल्ट आता है तो उनका मोबाइल बंद हो जाता या फिर फोन ही नहीं उठता। इससे उपभोक्ताओं यह नहीं पता चल पाता है कि आखिर बिजली कब तक आएगी। इससे लोगों में नाराजगी है। उपभोक्ता रमेश कुमार, शिवकुमार, शरद मेहरोत्रा, अखिलेश तिवारी ने बताया कि शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। सुधार के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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इन मोहल्लों व सरकारी विभागों को होती बिजली आपूर्ति
इंदिरा नगर उपकेंद्र से शहर के आनंद नगर, कप्तान का पुरवा, इंदिरा नगर, कृष्णा नगर, कैनाल रोड, आरडीए, मुंशीगंज के अलावा विकास भवन, कलेक्ट्रेट, राही ब्लॉक, सदर तहसील, विकास प्राधिकरण आदि 10 से 12 विभागों को बिजली की आपूर्ति होती है। पावर कॉर्पोरेशन को सबसे ज्यादा राजस्व भी इसी उपकेंद्र से मिलता है, लेकिन सुविधाएं सबसे खराब है।
इंसुलेटर पंचर होने से आई समस्या
33 केवी लाइन में देदौर के निकट इंसुलेटर पंचर हो गया है। जिसे बदलवाया जा रहा है। इंसुलेटर बदलने के बाद बिजली की आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- सुनील कुमार कुशवाहा, एसडीओ द्वितीय गोराबाजार