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खराब परीक्षा परिणाम पर सांसद सख्त
Updated Sun, 24 Jun 2018 01:04 AM IST
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फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया के ग्रेजुएशन के परीक्षा परिणामों को लेकर उपजे विवाद को देखते हुए सांसद लल्लू सिंह ने प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच के लिए उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
पत्र में लिखा है कि कुल परीक्षार्थियों में जहां केवल 59.75 प्रतिशत ही उत्तीर्ण हुए हैं वही अकेले बीएससी तृतीय वर्ष में केवल 20 फीसदी छात्र ही उत्तीर्ण हो सके हैं। लगभग तीन हजार ऐसे छात्र हैं जिन्हें एक प्रश्न पत्र में शून्य अंक मिले हैं। जबकि दूसरे प्रश्न पत्र में वे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं या 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हुए हैं। अनेक ऐसे छात्र भी हैं जो उससे पहले की परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए थे। इस परिणाम से विवि प्रशासन स्वत: कटघरे में है। उल्लेखनीय हो कि बीएससी के परिणाम में स्ववित्तपोषित विद्यालयों की हालत बिलकुल खस्ता है। प्रथम वर्ष में 60 फीसदी, द्वितीय वर्ष में 80 फीसदी व तृतीय वर्ष में 86 फीसदी छात्र फेल हो गए हैं। वही बीएससी कृषि विज्ञान के प्रथम वर्ष के परिणाम में 76 प्रतिशत परीक्षार्थी फेल हो गए। जबकि पूर्व में यह संज्ञान में था कि 433 महाविद्यालयों में प्राचार्य अनुमोदित नहीं थे व 134 में शिक्षक का मानक पूरा नहीं था।
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पत्र में लिखा है कि कुल परीक्षार्थियों में जहां केवल 59.75 प्रतिशत ही उत्तीर्ण हुए हैं वही अकेले बीएससी तृतीय वर्ष में केवल 20 फीसदी छात्र ही उत्तीर्ण हो सके हैं। लगभग तीन हजार ऐसे छात्र हैं जिन्हें एक प्रश्न पत्र में शून्य अंक मिले हैं। जबकि दूसरे प्रश्न पत्र में वे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं या 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हुए हैं। अनेक ऐसे छात्र भी हैं जो उससे पहले की परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए थे। इस परिणाम से विवि प्रशासन स्वत: कटघरे में है। उल्लेखनीय हो कि बीएससी के परिणाम में स्ववित्तपोषित विद्यालयों की हालत बिलकुल खस्ता है। प्रथम वर्ष में 60 फीसदी, द्वितीय वर्ष में 80 फीसदी व तृतीय वर्ष में 86 फीसदी छात्र फेल हो गए हैं। वही बीएससी कृषि विज्ञान के प्रथम वर्ष के परिणाम में 76 प्रतिशत परीक्षार्थी फेल हो गए। जबकि पूर्व में यह संज्ञान में था कि 433 महाविद्यालयों में प्राचार्य अनुमोदित नहीं थे व 134 में शिक्षक का मानक पूरा नहीं था।
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